जिला रेवाड़ी को शराब मुक्त बनाने की प्रशासन से लगाई गुहार

57 गांवों से आई महिलाओं ने किया उपायुक्त कार्यालय के सामने हंगामा

धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। स्वराज इंडिया के शराबबंदी के अभियान का रंग अब
जिले की पंचायतों पर भी चढ़ने लगा है। पंचायतों के इंकार के बावजूद गांवों
में शराब के ठेके खोले गए तो जिले के 57 गांवों की महिलाएं अपनी इस
समस्या को लेकर उपायुक्त अशोक कुमार से मुलाकात करके उन्होंने अपना मांग
पत्र सौंपने वीरवार को सचिवालय पहुंची। इनकी मांग है कि प्रशासन जिला
रेवाड़ी को शराब मुक्त बनाए। काफी देर तक जब उपायुक्त इनसे मिलने नहीं आए
तो इन्होंने नारेबाजी और शोर-शराबा शुरू कर दिया। उपायुक्त कार्यालय के
सामने काफी देर तक यह














हंगामा चलता रहा। इस मौके पर महिला सुरक्षा कर्मी भी मौजूद थी। खास बात
यह है कि इस बार स्वराज इंडिया ने महिलाओं को अपना मोहरा बनाकर इस लड़ाई
में आगे कर दिया था जबकि पुरूष स्वरोज सहयोगी सचिवालय के द्वार पर सबकुछ
देख रहे थे। खास बात यह है कि किसान नेता एवं स्वरोज इंडिया के संयोजक
योगेंद्र यादव की बहन डाॅ. पूनम यादव ने इन महिलाओं का नेतृत्व किया और
ये महिलाएं काफी देर तक उपायुक्त कार्यालय के सामने जमी रही। बाद में
उपायुक्त ने इनका ज्ञापन पत्र लिया और उचित कार्यवाही करने का आश्वासन
दिया। मगर उपायुक्त के इस व्यवहार से महिलाएं खासी नाराज थी। चूंकि
लोकसभा आम चुनाव को लेकर 23 मई को मतगणना होनी है, इसलिए उपायुक्त ने
इनको 23 मई के बाद ही कुछ कर पाने की बात कहकर शांत कर दिया और महिलाएं
उनकी बात सुनकर बाहर आ गई। सचिवालय परिसर के बाहर इन महिलाओं ने जमकर
उपायुक्त अशोक कुमार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की और यहां तक चेतावनी
दे डाली कि अगर प्रशासन ने शराब के ठेकों को बंद नहीं किया तो वे यहां
खुद सचिवालय में मद्यपान करेंगी। फरीदाबाद में हाल में हुई ऐसी घटना के
बाद इन महिलाओं को शायद यह आईडिया आया है। गांव संगवाड़ी से आई एक महिला
ने कहा कि उसका ससुर इसी शराब की लत की वजह से दुनिया से चला गया। उसकी
जेठानी, बहन और अब वह शराब के दंश को झेल रही है। वह सारी रात खेतों में
फसल को सींचती है मगर बाद में उसका पति सारे साल की आमदनी को शराब में
उड़ा देता है, क्योंकि उनके घर के पास ही ठेका खुला हुआ है। इस वजह से
उनके परिवार और बेटियों के जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। इस मामले पर डाॅ.
पूनम यादव ने मीडिया के सामने उपायुक्त की ओर से 23 मई के बाद शराब ठेकों
के बारे में कुछ कार्यवाही करने की बात कही।

सेक्टर 3 का ठेका शराब, वकीलों के बाद अब महिलाएं विरोध में उतरी
रेवाड़ी। बुधवार को शहर के सेक्टर 3 स्थित शराब के ठेके को लेकर जिला बार
एसोसिएशन के प्रधान सुधीर यादव एवं अन्य वकीलों के शिष्टमंडल ने उपायुक्त
अशोक कुमार से मुलाकात करके इस ठेका शराब को हटवाने की गुहार लगाई। जबकि
वीरवार को जिले के विभिन्न गांवों से आई तीन दर्जन से अधिक महिलाओं ने
उपायुक्त कार्यालय का एक तरह से घेराव कर दिया। महिलाओं ने मीडिया के
सामने शराब के ठेकों को आग लगाने के अलावा उनकी जिन्दगी को बर्बाद करने
वाली शराब को तबाह करने की चेतावनी दी।
रेवाड़ी फोटो 5: सचिवालय में उपायुक्त कार्यालय के सामने हंगामा करती
ग्रामीण महिलाएं।


प्रैस के रूबरू हुए योगेंद्र यादव
रेवाड़ी। महिलाओं के इस हंगामे के बाद स्वराज सहयोगी योगेंद्र यादव पुराने
कोर्ट रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रैस के रूबरू हुए। शराबबंदी के
विरोध में मुहिम चलाने के बाद जिले की करीब 27 ग्राम पंचायतों ने गत वर्ष
30 सितंबर से पूर्व प्रशासन को शराब के ठेके बंद कराने के लिए प्रशासन को
प्रस्ताव सौंपे। बावजूद इसके ठेके बंद नहीं हुए, जिससे महिलाएं नाराज
हैं। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं की नाराजगी का प्रदर्शन है। उनके अनुसार
गांव शहबाजपुर इस्तमुरार, बोलनी, गढ़ी, खेड़ी मोतला, नांगल जमापुर, बोहतवास
अहीर, टींट, मनेेठी,बालावास जाट, फिदेड़ी, आलियावास, धामलावास, मामडिया
ठेठर, पाली, दड़ौली, ढाणी सांतो, फतेहपुरी टप्पा, रोलियावास, मामडिया
आसनपुर, खोरी व ठोठवाल की पंचायतों ने शराब बंदी के पक्ष में प्रशासन को
प्रस्ताव भेजे।

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