अपने बच्चों को पैसे कमाने की मशीन ना बनाए: डाॅ. पूनम

संस्कार युक्त शिक्षा की वकालत

धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी

वीर भगत सिंह युवा दल ने शहर के स्वामी उमा
भारती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा के साथ संस्कार’ कार्यक्रम का
आयोजन किया, जिसमें महिला चिकित्सक डाॅ. पूनम यादव ने कहा कि आज के
भागदौड़ भरे जीवन में अभिभावक अपने बच्चों को पूरा वक्त नहीं दे पाते।
शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी भाषा होने की वजह से नैतिकता की बातें अब अब
विद्यार्थी जीवन में कम ही देखने को मिलती हैं। उन्होंने कहा कि समाज में
एकल परिवार की नई परम्परा की वजह से बच्चे दादा-दादी की गोद में मस्ती
करने से वंचित हो रहे हैं।


आयोजक संस्था के प्रधान दिनेश कपूर ने गुजरात के राजकोट की एक घटना का
जिक्र करते हुए कहा कि, इस घटना में एक पढ़े लिखे प्रोफेसर ने अपनी मां
जयंती बेन को गोद में उठाकर चार मंजिल से नीचे फेंक कर मार दिया।
उन्होंने कहा कि युवा पढ़ लिखकर विदेश चले जाते हैं और वहां जाने के बाद
अपने माता-पिता को पूरी तरह अनदेखा करने लग जाते हैं। कहीं मां को पफलैट
में मरे कई महीनों हो जाते हैं और बच्चों को पता भी नहीं चलता। इसमें
गलती उस शिक्षा की है, जिसने उसे पढ़ा लिखाकर पैसे कमाने की मशीन बना दिया
मगर उसे अच्छा इंसान नहीं बना पाई।


कपूर ने कहा कि आज जरूरत है कि माता-पिता अपने बच्चों को पूरा वक्त दें।
उनसे खुलकर बात करें और उनके साथ एक दोस्त की तरह व्यवहार करें। ऐसा होने
से बच्चों को अपने माता-पिता से मानसिक जुड़ाव उम्र के साथ भी बना रहेगा।
उप प्रधानाचार्य कमलेश भारती ने कहा कि उनके स्कूल में विद्यार्थियों के
लिए नैतिक शिक्षा की विशेष कक्षाएं साल भर लगाई जाती हैं। इन कक्षाओं में
बच्चों को मातृ-पितृ भक्त श्रवण कुमार, मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम,
श्रीकृष्ण, भक्त कबीर, गुरू गोबिंद सिंह, शहीद भक्त सिंह के बारे में
बताया जाता है। इस मौके पर विद्यार्थियों से विभिन्न शख्सियतों से संबंधी
सवाल पूछे गए तथा मेधावली छात्रों को सम्मानित किया गया। संस्था ने
बच्चों को देशभक्तों के चित्र बांटे। कार्यक्रम में जलवा डांस अकेडमी के
निदेशक परवीन ठाकुर, कपिल सैनी, पूर्वांशी कपूर, रजनी भारद्वाज, उषा
रूस्तगी, सोनिया कपूर, संतोष मेंहदीरता, सरोज शर्मा, मृदुल माथुर, डा.
कुलदीप भारद्वाज, मोनिका पंडित, पूनम शर्मा भी शामिल हुई।

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