क्या उस लड़की की अस्मत बच पाई?

























करन निम्बार्क, मुंबई:
पत्रकार गीतिका को पार्टी से लौटने में बहुत देर हो गई थी और शहर से इतनी दूर देर रात तक कोई सवारी कोई साधन मिलना कठिन लग रहा था । आजकल आये दिन जिस तरह के समाचार सुनने मिल रहे हैं और स्वयं गीतिका भी तो ऐसी घटनाओं पर काम कर चुकी है । उसे क्या पता था कि उस रात वह भी ऐसी घटना की शिकार हो सकती है ! इक्कीसवीं सदी में जहाँ नारी और पुरुष में कोई अंतर नहीं है बल्कि बहुत से बड़े-बड़े पदों पर तो आजकल स्त्रियाँ ही विराजमान हैं ऐसे में यदि उनकी सुरक्षा और सम्मान पर आँच आये तो यह बहुत बड़ा प्रश्न है देश की सरकार के लिए, देश के रखवालों के लिए जिन्हें विशेष अधिकार और हथियार दोनों ही मिले हैं ।

ऐसे ही मुद्दे को उठाते हुए निर्देशक मोनिता सिन्हा ने एक लघु चलचित्र (short film) बनाया है जिसका छायांकन और संकलन किया है हिरेन टेलर ने और मुख्य भूमिकाओं में हैं, श्वेता शर्मा, कृणाल, नैमेश नविन, हिरेन टेलर । इस पटकथा को लिखा है करन निम्बार्क ने और इस चलचित्र के निर्माता है शौर्या रंगमंच ।

वर्तमान परिस्थितयों पर आधारित यह चलचित्र शीघ्र ही ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्ध होगा और आप जान पायेंगे कि क्या हुआ गीतिका के साथ ।  हमारे समाचार पत्र समूह की ओर से मोनिता सिन्हा और उनके पूरे दल को ढेरों शुभकामनाएँ ।

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