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इनेलो उम्मीदवार की साख दांव पर नूंह का चुनावी दफतर मिला सुनसान


कैप्टन अजय को बिहारी मतदाताओं पर भरोसा 
मेव-मुस्लिम मतदाता कांग्रेस की ओर झुके  

धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। उप प्रधानमंत्री चैधरी ताउ देवीलाल ने इनेलो रूपी जिस पौधे को अपने खून पसीने से सींचा, उस पौधे की जड़े अब गलने लगी हैं। पुरानी कहावत है कि घर की फूट बुरी होती है, यह इनेलो पर सही साबित हो रही है। सता सुख भोगने के बाद अब इनेलो दो फाड़ होने के बाद जनता में अपना आधार बचाने की जुगत में है। सत्ता पाने का उस सपना अब धूमिल होता दिख रहा है। नूंह में रविवार को इनेलो का चुनावी दफतर सुनसान नजर आया। मेवात जोकि कभी इनेलो का गढ था, वह अब ढह गया है। मेवात इनेलो का वर्कर टूटकर जजपा और कांग्रेस में चला गया है। 

साफ दिख रहा है कि लोकसभा आम चुनाव में इनेलो प्रत्याशी वीरेंद्र राणा की साख दांव पर है। 12 मई को इनेलो मेवात में हजारों में सिमट जाए तो कोई ताज्जुब की बात नहीं। हम बात कर रहे हैं इनेलो की, जो कुछ वक्त पहले तक प्रदेश की 10 की 10 लोकसभा सीटों को अपनी झोली में डालने का दावा करती थी मगर अब हालात ये हैं कि चाचा-भतीजा की तकरार ने पार्टी वर्करों और इनेलो को हाशिये पर ला दिया। सियासी ताकत बंट गई। वर्कर दूसरी पार्टी के दरवाजे में झांकने को मजबूर हो गए। अधिकांश पुराने इनेलो वर्कर भतीजे के साथ जजपा में चले गए। मेवात में भी इनेलो की ताकत चूर-चूर हो गई। गुरूग्राम लोकसभा सीट से इनेलो प्रत्याशी वीरेंद्र राणा के लिए भी कोई चमत्कार नहीं हुआ। इस सीट पर 2014 के लोस चुनाव में इनेलो उम्मीदवार जाकिर हुसैन ने 3 लाख 74 हजार मत  आज इनेलो प्रत्याशी वीरेंद्र राणा जिले के गांव डोहकी में वोट मांगने आए। जो गांव कभी इनेलो का गढ रहा, वहां चंद लोग ही जुट पाए। सवाल यह है कि आखिर चाचा-भतीजा के बीच अहंकार की लड़ाई में वर्कर को क्या मिला, 

जिसने कई दशक तक इनेलो रूपी ताउ देवीलाल के पौधे को अपने खून पसीने से सींचा मगर अब फल आने के वक्त से पहले पौधे पर कब्जा जमाने ताउ के वारिस झगड़ने लगे। अब देखना यह है कि बावल विस क्षेत्र, जहां से कभी इनेलो वर्करों ने डाॅ. एमएल रंगा को शिक्षा मंत्री जैसे अहम पद तक पहुंचा दिया। कंडेक्टर रामेश्वर दयाल को विधायक बना दिया, वहां का जाट मतदाता इस बार क्या बावल 84 के भाजपा प्रत्याशी के विरोध के निर्णय के साथ जाएगा या फिर चुपचाप बिना सुगबुगाहट के अपना वोट किसी भी उम्मीदवार को दे जाएगा। उधर चूंकि पटौदी में कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन अजय यादव ने अपनी एक बड़ी रैली की, जिसमें बिहारी बाबू तेजस्वी यादव अपने मौसा की मदद करने की अपील करने आए। बता दें कि गुरूग्राम और पटौदी विधानसभा क्षेत्र में बिहारी मतदाताओं की संख्या हजारों में है और ये मतदाता भी भाजपा से छिटके तो कैप्टन यादव को इसका लाभ मिल सकता है। 

उधर रविवार को नूंह जिले के गांव फिरोजपुर नमक में चिरंजीव राव ने चुनावी सभा की। वे अनाज मंडी स्थित पार्टी कार्यालय भी गए, वहां मतदाताओं से बतियाए। शाम को हरियाणा कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद पूर्व मंत्री आफताब अहमद के निवास पर चुनावी सभा करने पहुंचे। चिरंजीव की इनेलो व भाजपा का दामन छोड़ चुके तैयब हुसैन घासेड़िया व उनके समर्थकों से भी मुलाकात हुई। यहां चिरंजीव ने हुक्का भी गुड़गुड़ाया और कैप्टन अजय के लिए समर्थन मांगा। चूंकि मतदान में 5 दिन का समय शेष है, इसलिए अब चुनाव प्रचार तेज और तीखा होने की उम्मीद है। 


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