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जिला रेवाड़ी को विश्व बैंक से मिले 1 करोड़ 51 लाख रूपए



स्कूलों आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण पर खर्च होगी यह धनराशि 

धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के माध्यम से जिला रेवाड़ी को विश्व बैंक से 1 करोड़ 51 लाख रूपए मिल गए हैं। यह धनराशि जिले के स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालयों के निर्माण पर खर्च की जाएगी। 

बुधवार को एडीसी प्रदीप दहिया ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक में कहा कि इन जगहों पर सोखता गडढा भी बनवाया जाएगा। इसके अलावा जिन स्कूलों में कम्पोस्ट पिट की जरूरत है, वह इसे बनवाया जाएगा। दहिया ने कहा कि जिले की सभी 358 ग्राम पंचायतों और 412 गांवों में स्वच्छता संबंधित पेटिंग खुले में शौचमुक्त घोषित का डिस्पले भी लगाया जाएगा, जिनको जियो टैग भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेयजल स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा एक जून 2019 से स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2019 स्वच्छता दर्पण प्रतियोगिता आयोजित कराई जा रही है और यह सर्वेक्षण 31 जुलाई तक चलेगा। इस प्रतियोगिता का परिणाम 15 अगस्त को केंद्र सरकार की ओर से घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के ग्रामीण क्षेत्र की सभी आंगनवाड़ी वर्करों एवं हेल्परों को उक्त मिशन के तहत मंत्रालय की वेबसाइट पर स्वच्छ आग्रही के तौर पर मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। 

उन्होंने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि वे अपने मातहत सभी सभी आंगनवाड़ी वर्करों एवं हेल्परों को अपने-अपने गांव में स्वच्छता गतिविधियों में भाग लेने के लिए निर्देशित करें। बता दें कि उक्त योजना के तहत जिला रेवाड़ी को 21 मार्च 2017 को शौच मुक्त घोषित किया गया था। इसके बाद में केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की ओर से प्रथम चरण में राष्ट्रीय वार्षिक ग्रामीण स्वच्छता सर्वेक्षण कराया गया, जिसमें जिला रेवाड़ी की तीन ग्राम पंचायतें चिन्हित की गई, जिनमें स्वच्छता, स्कूल, आंगनवाडी शौचालय का निर्धारण किया गया। बैठक में पंचायतीराज विभाग के कार्यकारी अभियंता पे्रशल, जिला शिक्षा अधिकारी रामकुमार फलसवाल, एपीओ अर्जुन और उक्त योजना के सहायक समन्वयक तकनीकी योगेश कुमार शामिल रहे। 

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