सरकारी नौकरी पाने के लिए अतिरिक्त 5 अंक पाने के लिए जुटे बेरोजगार



कोसली, नाहड़, बावल और खोल तहसीलों से आई अव्यवस्था की खबरें 
रेवाड़ी में अभी स्थिति सामान्य, उप तहसीलों में भी अधिक हंगामा नहीं
धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। 

प्रदेश में बेरोजगारों को अपनी ओर रिझाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कदम बढ़ा दिए हैं। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से की रिक्त पदों को भरने के लिए बेरोजगारों से एक शपथ पत्र मांगा गया है, जिसमें जिस परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं, उस परिवार के आवेदक को अतिरिक्त 5 अंक दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के निर्देश पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से उन रिक्त पदों, जोकि भर्ती के माध्यम से भरे जाने हैं, पर सभी पदों के लिए बेरोजगार आवेदकों से अलग-2 हलफनामा मांग लिया है। ऐसी सूरत में नई व्यवस्था सरकारी प्रबंध और बेरोजगारों की जेब पर भारी पड़ने लगी है और लाचारी में तहसीलों एवं उप तहसीलों में बेरोजगारों की भीड़ जुटने लगी है। 
सबकी यही सोच है कि शायद इन अतिरिक्त 5 नंबर से उन्हें सरकारी नौकरी मिल जाए। खास यह है कि सरकारी नौकरी के लिए संबंधित आवेदक को अतिरिक्त 5 अंक हासिल करने के लिए संबंधित इलाका मजिस्ट्रेट से सत्यापित हलफनामा प्रत्येक पद के हर आवेदन के साथ अलग-अलग जमा कराना होगा। 

इससे लेकर कोसली तहसील के अलावा नाहड़ में बेरोजगारों की भीड़ जुट रही है। खोल और बावल तहसीलों में भी यही हाल देखा जा रहा है। इस स्थिति का लाभ उठाने के लिए स्टाम्प विक्रेताओं ने अपनी कोशिशें शुरू कर दी हैं, वे दस रूपए का स्टांप दोगुनी कीमत में बेच रहे हैं। इसके बाद टाइप करने वाले भी 20 की बजाए 50 रूपए वसूल रहे हैं। इस संबंध में कोसली तहसील में हल्फनामा बनवाने आए युवा राजेश, रोशन लाल ,महेन्द्र, अंकित और सुभाष ने कहा कि उन्होंने हलफनामा बनवाने में रही परेशानी की जानकारी मुख्यमंत्री को ट्विटर पर जानकारी दी है। समाचार पत्र के माध्यम से भी मुख्यमंत्री के अलावा शिक्षा मंत्री, चेयरमैन भर्ती बोर्ड की ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। इनका कहना है कि इससे पहले आवेदक से स्वघोषित हलफनामा लिया जाता है। उधर सरकार की इस नई घोषणा से तहसील और उप तहसीलों में बेरोजगार उमड़ पड़े हैं। गर्मी के मौसम में इनकी लंबी कतारें सरकारी व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। तंगहाली में इनका मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण जारी है मगर सरकारी व्यवस्था मौन है। जिलाधीश यशेंद्र सिंह के पास भी सभी तहसीलों से ऐसी सूचनाएं पहुंची हैं मगर अब तक प्रशासन मौन साधे हुए है। 

इस मामले पर कोसली के तहसीलदार विजय कुमार ने कहा कि हमारे पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं, जिससे बेरोजगारों की भीड़ कम की जा सके। कोसली और नाहड़ दोनों जगह ऐसी स्थिति है। हम अलग काउंटर भी नहीं लगा सकते क्योंकि हमारे पास फोटो के लिए एक ही सिस्टम मौजूद है। 


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