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पेयजल की 7 परियोजनाएं जिनमें रेवाडी भी शामिल: डा. बनवारी


धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी।  
नाबार्ड की आर्थिक मदद से जनस्वास्थ्य एवं अभियान्त्रिकी विभाग 11 प्रमुख परियोजनाओं के अलावा कुछ अन्य परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इस संबंध में जनस्वास्थ्य मंत्री डा. बनवारी लाल ने कहा कि 7 परियोजनाओं में जिनकी अनुमानित राशि 506.30 करोड हैं, के तहत रेवाडी और महेन्द्रगढ जिलों में नलकूप आधारित योजनाओं को नहर आधारित योजनाओं में स्थानांतरित करने का कार्य किया जा रहा हैं,  जिससे इन जिलों के 203 गावों 5 ढाणियों  को लाभ मिलेगा। इसी प्रकार, दो परियोजनाओं में जिनकी अनुमानित राशि 395.90 करोड हैं, के तहत पलवल और मेवात जिलों में नलकूप आधारित योजनाओं को रैनीवेल योजनाओं में परिवर्तित करने का कार्य किया जा रहा हैं जिससे इन जिलों के 164 गावों को लाभ मिलेगा। 

उन्होंने बताया कि दो परियोजनाओं में जिनकी अनुमानित राशि 56.66 करोड हैं के तहत जीन्द और हिसार जिलों में नलकूप आधारित योजनाओं पर नहरी पानी की व्यवस्था करने का कार्य किया जा रहा हैं  जिससे इन जिलों के 33 गावों को लाभ मिलेगा। मंत्री ने बताया कि नाबार्ड पारियोजनाओं के इलावा, जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग ने नई 14 जलापूर्ति की योजनांए तथा 9 सीवरेज लगाने की परियोजनांए बनाई हैं जोकि नाबार्ड सहायता के हेतु प्रस्तुत की गई है ये परियोजनांए महेन्द्रंगढ, पानीपत, सोनीपत, पलवल, हिसार, भिवानी जिलों से सम्बन्धित है और इनकी कुल लागत 425.78 करोड हैं इन परियोजनाओं से 199 गांवों में जलापूर्ति में सुधार बढोतरी तथा 9 गंावों में सीवरेज प्रणाली लगाने के कार्य किये जाने है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में, जन स्वास्थय अभियान्त्रिकी विभाग ने राज्य में पेयजलापूर्ति में सुधार उन्नयन तथा सीवरेज बारिश के पानी की पाईप लाईन बिछाने इत्यादि पर 5167 करोड रूपये खर्च किये हैं।

उन्होंने बताया कि जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग की अपनी वैबसाइट हैं जिनमें सरकार से सरकार तथा सरकार से सीटिजन के कई मोडयूल उपलब्ध है जिनमें  कई प्रकार की एक्टीवीटी की जा सकती है। पानी, सीवरेज बारिश के पानी से सम्बन्धित शिकायत नम्बर 1800-180-5678 पर की जा सकती है जो कि टोल-फ्री हैं। इसके इलावा पानी सीवरेज के कनैक्शन की मंजूरी तथा पानी के बिल भी भरे जा सकते है। इस शिकायत निवारण केन्द्र को सरल पोर्टल, अटल सेवा केन्द्र, मोबाइल ऐप, जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग की वैबसाइट पर आने वाली शिकायतों के साथ भी जोड दिया गया है।

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