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गर्मी से राहत के लिए बहुराष्ट्रीय कम्पनी के स्टाफ ने लगाई मीठे दूध और पानी की छबील

रेखा वैष्णव :गुरुग्राम :
गुरुग्राम में इन दिनों गर्मी जमकर अपना कहर ढाह रही है और पारा 45 डिग्री का आंकड़ा पार कर चुका है| इसी गर्मी से परेशान आने जाने वालों को थोड़ी राहत दिलाने के लिए गुरुग्राम के प्रषिद्ध साइबर सिटी में आज एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी के स्टाफ द्वारा मीठे दूध और पानी की छबील लगाई गयी जिसमें कम्पनी के स्टाफ ने अपने बहुमूल्य समय में से 3 घंटे निकालकर आने जाने वाले लोगों की सेवा की|

आयोजकों की तरफ से मौजूद चनप्रीत कौर ने बताया कि वो हर साल गर्मी में इस तरह मीठे दूध-पानी की छबील लगाकर राहगीरों की सेवा करते हैं जिससे राहगीरों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलती है और उन्हें तेज धूप तथा लू लगने से भी बचाती है| छबील लगाने का महत्त्व बताते हुए वहां मौजूद रुपिंदर कौर ने  बताया कि इस छबील के जरिये उन्हें मानवता की सेवा करने का मौका मिला है क्योंकि आज की तेज भागती जिंदगी में हर रोज भाग दौड़ लगी रहती है और मुश्किल से किसी की सेवा करने का मौका मिलता है|

चनप्रीत कौर ने छबील लगाने का एक कारण और बताते बताते हुए कहा कि 1606 में पाँचवे सिख गुरु श्री अर्जन देव जी को शहीदी प्राप्त हुयी थी और इस तरह का कार्यक्रम शाश्वत आशावाद के संदेश को फैलाता है।यह गुरु अरजन देव जी की शहादत को याद करने के लिए मनाया जाता है इन्होने 1606 में मुगल सम्राट जहाँगीर द्वारा जारी सिख धर्मग्रंथों को बदलने के आदेश को मानने से इंकार कर दिया था|  कहानी हमें बताती है कि आदेशों का पालन करने से इनकार करने के लिए, गुरु को लाल गर्म लोहे की चादर पर बैठाया गया था तथा मुगल सैनिकों ने उनके शरीर पर गर्म रेत डाली थी। गुरुजी  को उबलते पानी में भी डूबाया गया था। यह अत्याचार उन पर पाँच दिनों तक चला और इसके बावजूद उन्होंने एक सूफी की मदद से भी इंकार कर दिया था और अपने जले हुए घावों को उन्होंने ईश्वर की इच्छा मानते हुए स्वीकार किया|

छबील गुरु को मिली यातना और नदी रावी ने उन्हें अंत में जो राहत प्रदान की है, उसका स्मरण है।छबील में चनप्रीत कौर, रुपिंदर कौर, सरवजीत, मनीषा उप्रेती, देवेंद्र सिंह आदि ने भाग लेते हुए जीवन में मिठास भरने का संदेश दिया|


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