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शहर के चैराहों पर लगने लगी लाल बत्तियां , बावल चैक और अंबेडकर चैक भी शामिल



धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। रेवाड़ी शहर में सरकुलर रोड पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन ने जरूरी कदम उठाने के साथ उन पर अमल करना शुरू कर दिया है। जिले में सड़क हादसों की रोकथाम के लिए जिला पुलिस की यातायात विंग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराए जाने के साथ ही दिल्ली-जयपुर हाइवे पर कसौला चैक के पास पर हादसे रोकने के अलावा शहर के अंबेडकर चैक, बावल चैक समेत कुछ अन्य जगहों पर नई लाल बत्तियां लगाने की सिफारिश एक एजेंसी से कराए गए सर्वेक्षण के बाद की गई थी। जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में जरूरी कदम उठाने की जानकारी तत्कालीन उपायुक्त अशोक शर्मा ने मीडिया के साथ सांझा की थी। उसके बाद से यह काम पाइप लाइन में चल रहा था। अब वह धरातल पर नजर आने लगा है। 

उधर सरकुलर रोड पर धारूहेड़ा चैक, झज्जर चैक, नाईवाली चैक, दिल्ली रोड पर अभय सिंह चैक के पास लगवाई गई लाल बत्तियां काफी दिनों से खराब पड़ी हैं मगर इनको कई माह से प्रशासन दुरूस्त नहीं करा पाया। उधर इन बत्तियों के नहीं जलने के पीछे बिजली कनेक्शन और बिजली बिल बकाया होने की बात सामने आई है। नगर परिषद रेवाड़ी के सीमा क्षेत्र में होने के बावजूद इनके माध्यम से खर्च होने वाली बिजली का बिल अदायगी का मामला आखिर क्यों लटका, यह जांच का विषय हो सकता है। उधर इन लाल बत्तियों के जल्द खराब होने के पीछे की वजह भी नए उपायुक्त यशेंद्र सिंह को जल्द ढूंढनी होगी। उधर शहर में नगर परिषद की सीमा में 10 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं, जिनमें से आए दिन कोई ना कोई खराब होती रहती है, मगर इनको दुरूस्त करने की जो मौजूदा व्यवस्था है, उसका कड़वा सच यह है कि एक लाइट खराब होने पर पूरे सर्किट की दर्जनों लाइटें तब तक जलती रहती हैं, जब तक खराब लाइट ठीक नहीं हो जाती। 
इस मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी मनोज यादव भी अधिक गंभीर नजर नहीं आते। 

स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी के संचालकों का कहना है कि वे मौजूदा व्यवस्था पर काम कर रहे हैं। उनके पास 10 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव की जिम्मेदारी है और छह टीमें इस काम को सिरे चढ़ा रही हैं। इस एजेंसी के सच के अलावा नगर परिषद के अधिकारियों की जिला के मुखिया को अपने शीशे में उतारने की मुहिम के चलते अब तक नगर परिषद की कार्यशैली शक के दायरे में है। अब उपायुक्त यशेंद्र सिंह इन नई लगी लाल बत्तियों को कब तक चालू रखवा पाते हैं, यह आने वाला वक्त बताएगा, फिलहाल अभी इनको चालू नहीं किया गया है। उधर इस मामले पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी मनोज यादव का पक्ष ज्ञात करने की कोशिश की गई मगर उनका पक्ष देर शाम तक ज्ञात नहीं हो पाया। 

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