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"वायु प्रदूषण रोको" अभियान के तहत आस-पास के गांवों में उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया गया



महेन्द्रगढ़ : प्रमोद बेवल

प्रकृति बची रहेगी, तभी हम भी बचेंगे। प्रदूषण के कारण प्रकृति को हो रहे नुकसान से निपटने के लिए सामाजिक जागरुकता जरूरी है। पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने से ही सफलता हासिल होगी। हमें इसके लिए किसी खास दिन नहीं, बल्कि साल भर सार्थक प्रयास करने की आवश्यकता है।

उक्त विचार व्यक्त करते हुए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ ने अपने संदेश में कहा कि "विश्व पर्यावरण दिवस" हमें अवसर देता है कि हम पर्यावरणीय समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करें।

विश्वविद्यालय की ओर से "वायु प्रदूषण रोको" अभियान के तहत आस-पास के गांवों में उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया गया। जांट गांव के पंचायत भवन में, पाली गांव के पंचायत भवन में, भुरजट गांव के मंदिर में, आकोदा के विद्यालय सहित कई अन्य स्थानों पर पौधरोपण अभियान चलाया गया। विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने मौसम की परवाह न करते हुए उत्साहपूर्वक इस अभियान में भाग लिया। इस कार्यक्रम में संबंधित गांवों के सरपंचों ने भी खुशी-खुशी भाग लिया और अपनी उपस्थिति दर्ज की। 

ग्राम पंचायत जांट के सरपंच होशियार सिंह, पाली के सरपंच सुरेन्द्र सिंह, भुरजट के संजय तथा आकोदा के सरपंच धर्मेन्द्र ने इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया।

विश्वविद्यालय के प्राक्टर प्रो. राजेश कुमार मलिक ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कुहाड़ के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से इस प्रकार के कार्यक्रम विश्वविद्यालय में समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं। विश्वविद्यालय में इस प्रकार की व्यवस्था एवं सदस्यों के बीच इस प्रकार की आदत विकसित की जाती है, ताकि पर्यावरण प्रदूषण कम-से-कम हो, तथा विश्वविद्यालय शून्य प्रदूषण इकाई तथा नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने सके ।

विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. सतीश कुमार, प्रो. संजीव कुमार, डा. बिजेन्द्र, डा. सुरेन्द्र, डा. प्रमोद कुमार, डा. विनोद, डा.दिनेश चहल सहित अन्य शिक्षक, एनएसएस के स्वयंसेवक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे ।


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