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पानी की कमी से नहीं हम उसके प्रबंधन की कमी से जूझ रहे: डॉ.तिवारी


शहरों में जल संकट से निपटने के लिए रुफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग आवश्यक- श्री गलकटे

वाल्मी में जल प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने की सहभागिता

सुभम चौहान :भोपाल :


मप्र जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) मेंं बेहतर जल प्रबंधन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ तेजराम नायक,श्री रवि गलकाटे,प्रोफेसर (भू- विज्ञान) डॉ. डी.आर. तिवारी एवं फैकल्टी हैंड वाल्मी डॉ.विवेक भट्ट ने अपने विचार रखे।वरिष्ठ वैज्ञानिक रवि गलकटे ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि बारिश में छत पर जो पानी गिर रहा है वह हमारी प्रापर्टी है और उसी को संग्रहित कर हम जल संकट से बच सकते हैं। किसी भी शहरों में बढ़ती आबादी के साथ रुफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग आवश्यक है क्योंकि इससे भूजल में सुधार होता है और प्रबंधन भी आसान है।


डॉ.तेजराम नायक ने बताया कि पानी एक ऐसा रिसोर्स है जो बहुत ज्यादा मात्रा में उपलब्ध है उसके बाद भी हमारे पास प्रर्याप्त उपलब्धता नहीं है। कॉलोनाइजर्स मकान बनाते समय ही जल प्रबंधन एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर ध्यान दें तो बेहतर प्रबंधन हो सकता है।डॉ.डीआर तिवारी ने कहा कि हम पानी की कमी से नहीं बल्कि उसके बेहतर प्रबंधन ना होने के कारण जल संकट से जूझ रहे हैं।


पहले का समाज मनोवैज्ञानिक था जो कुंआ,बावड़ी पर आश्रित था क्योंकि श्रम करने के बाद कोई व्यक्ति दो बाल्टी निकालता है लेकिन आज ट्यूबवेल की बटन दबाते ही सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है।संयोजन श्री जेके गुप्ता ने किया। इस अवसर पर योगेन्द्र लाड़, कुमुद सिंह सहित कॉलोनाइजर्स, बिल्डर्स एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


ज्ञात हो कि वाल्मी लगातार विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ जल संरक्षण पर निशुल्क कार्यशाला आयोजित कर रहा है।




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