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क्या आप जानते है नाम परिवर्तन करने पर भी भाग्योदय हो सकता है ?



एक समय वह भी था जब लोग अपने नाम के बजाए काम पर अधिक ध्यान दिया करते थे, परंतु इस संबंध में लोगों की बदलती हुई प्रवृत्ति को देखकर लगता है कि अब उनके लिए नाम का महत्व पहले की अपेक्षा ज्यादा हो गया है। कईं बार आपने देखा या सुना होगा कि अधिकांश लोग अपने बच्चों एवं अन्य परिवारजनों के भाग्य के खराब होने का दोष उनके नाम को देते है। उनका मानना होता है कि नाम में परिवर्तन उनके भाग्य को सुधार कर सकता है| यह बात काफी हद तक सही है क्योंकि अंक ज्योतिष ज्ञान के अनुसार नाम में परिवर्तन करके भाग्य में लिखी समस्याओं से निदान प्राप्त करना संभव है।

अमिताभ बच्चन हो या शारूख खान अधिकांश बडे फ़िल्म स्टारों के बग़लों के नामों से आप जरूर परिचित होगें इन स्टारों की सफलता के पीछे इनके बग़लों के नामों का योगदान कम नही है

किसी भी भवन का नाम, उसका नंबर और रंग भी यदि उसमें रहने वाले  लोगो के लिए अनुकूल हो तो इससे वास्तु का शुभ फल कई गुना बढ़ जाता है और परिणाम चमत्कारी प्राप्त होते हैं
परन्तु किसी भवन का सही नाम रखना इतना आसान काम  नही होता ।करीब-करीब सभी धर्मों में विवाह से पहले लड़कियों के नाम के साथ जहाँ पिता का उपनाम या कुलनाम (सरनेम) लगता है वहीं विवाह के उपरांत पति का कुलनाम लगने लगता है। ऐसे मामलों में सामान्यतः उनका उपनाम ही बदलता है। तथापि कुछ परिवारों में विवाह के बाद लड़की का नाम बदलने की परंपरा होती है।

कुछ मामलों में लोग इसलिए भी नाम बदलते हैं क्योंकि उनके नाम में पिता का नाम या उनका कुलनाम नहीं जुड़ा होता। शुरू में तो इस बात पर ध्यान नहीं दिया जाता, लेकिन बाद में बड़े होने पर अथवा जरूरत पड़ने पर उन्हें यह अनुभव होता है कि उनका कुलनाम भी नाम के साथ होना चाहिए। अतः लोग अपना नाम परिवर्तन कर लेते हैं।

कई बार लोग किसी ज्योतिषी की सलाह पर भाग्य की दृष्टि से भी अपने नाम में परिवर्तन कर लेते हैं।उज्जैन के ज्योतिर्विद पण्डित दयानन्द शास्त्री ने इस बारे में जानकारी देते हैं कि ज्योतिष में किसी भी जातक का नाम बहुत महत्वपूर्ण होता है।

नाम वह होता है जिसे सुनकर व्यक्ति या पशु जाग जाए या मुड़कर देखने लगे। व्यक्ति का नाम बार-बार बोला जाता है, इसलिए उसका बहुत प्रभाव हमारे ऊपर पड़ता है।

ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार 'ज्योतिष में नाम का केवल प्रथम अक्षर ही अधिक महत्वपूर्ण होता है, परंतु अंकशास्त्र में पूरे नाम की वर्तनी का महत्व होता है। लोग अपने मूलांक और भाग्यांक को ध्यान में रखते हुए नाम रखने का प्रयास करते हैं। यदि किसी का नाम इनके अनुरूप न हो तो वह अपना नाम बदलने की सोचता है। वैसे ज्योतिषीय दृष्टि से नाम बदलने का चलन ज्यादातर उच्च वर्ग के लोगों में ही अधिक देखा जाता है।'

ज्योतिषीय कारणों से लोग कभी तो अपना पूरा नाम ही बदल डालते हैं या कभी अपने पुराने नाम में ही थोड़ा बहुत हेरफेर अथवा वर्तनी में परिवर्तन कर देते हैं। ऐसे लोग नाम परिवर्तन करने के लिए कभी उसमें कुछ जोड़ते हैं तो कभी कुछ घटाते हैं। कभी-कभार लोग इसलिए भी नाम आंशिक परिवर्तन करते हैं क्योंकि उनके पुराने नाम की वर्तनी गलत होती है और जब उन्हें इस बात का ज्ञान होता है तो वे भी मानने लगते हैं कि गलत वर्तनी वाला नाम उनके व्यक्तित्व में बाधा डाल रहा है। इस प्रकार के मामलों में भी लोग अपना नाम बदल लेते हैं।

यूँ तो नाम रखना या उसमें परिवर्तन करना पूरी तरह से व्यक्तिगत होता है और कोई भी कभी भी अपना नाम परिवर्तन कर सकता है लेकिन जहाँ तक सरकारी दस्तावेजों, प्रमाण पत्रों, खातों आदि में नए नाम के अनुसार परिवर्तन करवाने की बात है तो इसके लिए अनिवार्य रूप से कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है। नाम परिवर्तन के लिए व्यक्ति को इस संबंध में 'एफिडेविट' के साथ-साथ किन्हीं दो राष्ट्रीय समाचार पत्रों में अपने बारे में बताते हुए इस बात की जानकारी देनी पड़ती है।

दूसरी मान्यता यह भी है कि जन्म के समय बच्चे की राशि के अनुसार ही नाम रखा जाना शुभ होता है जिससे जन्म पत्री व ग्रह,नक्षत्रों का सही सकारात्मक प्रभाव व्यक्ति पर पडे। नाम में कुछ परिवर्तन करके अपने भाग्य व जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया जा सकता है। ज्योतिष अनुसार अगर नाम मेष राशि से संबंधित है तो राशि का स्वामी मंगल ग्रह होने की वजह से ऐसे लोग निडर, ऊर्जावान होते हैं और दूसरे लोगों को आकर्षित करने वाले भी होते हैं। यदि वृषभ राशि से संबंधित नाम हो तो ऐसे व्यक्ति शुक्र ग्रह के प्रभाव के कारण भौतिक सुख—सुविधा पसंद करने वाले होते हैं ओर आरामपसंद जीवन जीना चाहते हैं। मिथुन राशि से जुडे नाम वाले लोग अपने जीवन को लेकर काफी सतर्क रहते हैं और लोगों से मधुर संबंध बनाए रखते हैं।

सबसे पहले आप जिस राशि पर अपने घर का नाम रखना चाहते हैं वो उस घर में रहने वाले लोगों के लिए तो अनुकूल होनी ही चाहिए साथ ही आपके शहर ,कालोनी या मुहल्ले के नाम से भी देखें तो राशियों का आपस में शुभ सम्बन्ध बनना चाहिए ।।

हमने अपने अनुभव में कई बड़ी ऐसी कामर्शियल बिल्डिंगें देखी हैं जिनका सिर्फ नाम बदलने मात्र से ना सिर्फ उनके सभी आफिस और शोरूम तुरन्त बिक गये बल्कि किराये पर भी लग गये।
और कई बडे उधोगपतियों के बग़लों का नाम रखने या उसमें सुधार करने के बाद ही उनकी बहुत तरक़्क़ी हुई है ।।

भवन के नाम के साथ साथ उसके नंबर का भी बहुत ज़्यादा महत्व होता है । आपके घर के नंबरों का जो भी योग आता है उनको तब तक आपस में जोडें जब तक की अंत में एक सिंगल नंबर ना आ जाये अब जो भी नंबर आया है उसके स्वामी ग्रह अगर आपकी कुण्डली में शुभ हैं तो ये नंबर भी आपके लिए बहुत शुभ रहेगा

ज्योतिषशास्त्र में नाम के केवल प्रथम अक्षर का महत्व होता है, परंतु अंकशास्त्र में पूरे नाम की वर्तनी का विशेष महत्व है। लोग अपने मूलांक व भाग्यांक को ध्यान में रखते हुए नाम रखने का प्रयास करते हैं। यदि किसी का नाम इनके अनुरूप न हो तो वह अपना नाम बदलने की सोचता है। ज्योतिषीय कारणों से लोग अपने पुराने नाम में की वर्तनी में बदलाव करते हैं। अधिकतर जीवन के मूलांक और भाग्यांक वाले माह, तारीख तथा सन लाभकारी रहते हैं। यदि राशि के हिसाब से भी योगकारी ग्रह का अंक, मूलांक या भाग्यांक से मेल खाता है तो वह अंक बहुत लाभकारी रहेगा।

यदि व्यक्ति के नाम का अंक भी भाग्यांक या मूलांक से मिल जाए तो जीवन में बहुत उन्नति होती है।

अंकशास्त्र के अनुसार व्यक्ति कर्म तो करता है परंतु उसका भाग्य नहीं बदल पाता। मूलांक व भाग्यांक तो अपरिवर्तनशील हैं परंतु सही ढंग से नामांक, मूलांक व भाग्यांक का मेल हो जाए तो व्यक्ति के लिए सफलता के द्वार खुल सकते हैं।

जन्मकुंडली में ग्रह-नक्षत्र मनुष्य का भाग्य दर्शाते हैं जो उसके पूर्व जन्मों के कर्मों के अनुसार बनता है। जन्म राशि, जन्म लग्न एवं अंकज्योतिष का मूलाधार मूलांक व भाग्यांक तो जन्म की तारीख से बनते हैं जिसको बदला नहीं जा सकता। लेकिन नाम में परिवर्तन करके आप अपने जीवन की रूपरेखा में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन अवश्य ला सकते हैं।

ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि आपके लिए अपना मूलांक व भाग्यांक जानने की सरल विधि यह है कि जन्म तारीख का योग करें वह आपका मूलांक व जन्म तारीख, माह तथा सन् के अंक का योग भाग्यांक कहलाता है।

जैसे 3, 12, 21, 30 जन्म तारीख वाले का मूलांक 3 होगा और 18-01-1926 जन्म तारीख वाले का भाग्यांक 1 होगा। इसमे जन्म तारीख माह व सन् का योग करने से 28 अंक आया। इस का योग मूलांक 1 होगा।

अधिकतर जीवन में जूझते गए लोगों में प्रायः तीनों अंकों में तालमेल नहीं होता है।

यदि मूलांक, भाग्यांक व नामांक में तालमेल न हो तो हम नामांक बदल सकते हैं, क्योंकि जन्मांक व भाग्यांक तो जन्म लेते ही निश्चित हो जाते हैं। केवल नाम ही है, जिसे बदला जा सकता है। यदि आवश्यक हो तो अपना नाम बदलें व उसका लाभ उठाएं। अंकज्योतिष अंकों का गणित नहीं, बल्कि अंकों का विज्ञान है। अंक ज्योतिष का आधार वास्तव में नौ ग्रह ही हैं। अंग्रेजी के प्रत्येक अक्षर का तथा प्रत्येक ग्रह का भी एक अंक निर्धारित किया गया है। प्य्थोगोरियन तकनीक अनुसार A=1, B=2, C=3, D=4, E=5, F=6, G=7, H=8, I=9, J=1, K=2, L=3, M=4, N=5, O=6, P=7, Q=8, R=9, S=1, T=2, U=3, V=4, W=5, X=6, Y=7, Z=8 ।

 इसी तरह हर अंक पर अलग गृह का आधिपत्य होता है।

जैसे की
1=सूर्य,
2=चंद्र,
3=बृहस्पति,
4=राहू,
5=बुध,
6=शुक्र,
7=केतू,
8=शनि,
9=मंगल।

यदि मूलांक या भाग्यांक के अनुसार नामांक भी हो तो जीवन में उन्नति की संभावना अधिक रहती है ।।

उदाहरण --
बॉलीवुड अदाकारा रानी मुख़र्जी ने एक अंक ज्योतिष कि सलाह के पश्चारत अपने नाम की वर्तनी अंग्रेजी में Rani Mukherji से Rani Mukerji में परिवर्तित किया था। रानी के करियर को देखें, तो यही बोल सकते हैं कि नाम के इस बदलाव का उनके करियर पर अच्छा प्रभाव पड़ा।

इसी तरह अजय देवगन ने भी अपने नाम कि अंग्रेजी स्पेलिंग में से ‘A’अक्षर को हटा कर ‘Ajay Devgn‘ कर दिया. उसके बाद उनका करियर काफी फला फूला।

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