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एक गांव व एक वार्ड को पोलिथिन फ्री कर बनाएंगे माडल: उपायुक्त

गीले-सूखे कचरे का अलग-अलग निष्पादन हो

धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। 

उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने कहा है कि स्टेक होल्डरों बल्क वेस्ट जनरेटर्स अर्थात् ज्यादा कचरा उत्पन्न होने वाली जगहों की पहचान करके उन्हें स्त्रोत पर कचरा अलग-अलग करने तथा उसको प्रोसेस करवाकर वहीं पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने आज बाल भवन में आयोजित बल्क वेस्ट जनरेटर्स स्टेक होल्डर्स के सेमिनार का दीप प्रज्जवलित कर शुभांरभ करने उपरांत बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला के एक गांव शहर के एक वार्ड को पोलिथिन फ्री कर आरंभ में एक मॉडल के रूप में विकसित करेगें। डीसी ने बताया कि वेस्ट मैनजमैंट के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि जिला में बल्क वेस्ट जनरेर्स की पहचान कर उन्हें सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करके उसका निस्तारण करें इसमें सभी सहयोग करें। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा इक्कऋा करवाने की सुविधा शुरू की जाए और ग्रामीणों को अपने घर में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। 


इसके बाद इस कचरे का वहीं पर निस्तारण करने की व्यवस्था की जाए। डीसी ने कहा कि 4-5 गांवों के कलस्टर बनाकर उनके कचरे के निस्तारण के लिए कम्पोस्ट युनिट लगवाएं, जिनमें कचरे की मात्रा के हिसाब से मशीनों का चयन करें, शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा छोटी बड़ी मशीनों की पूरी जानकारी दी जाए। डीसी ने कहा कि उत्पन्न होने वाले गीले कचरे से उनके द्वारा कम्पोस्ट खाद बनाया जाए तथा बाकि कचरे का निष्पादन करें। उपायुक्त ने बताया कि रेवाडी में 73 बल्क वेस्ट जरनेटर है, इसके अतिरिक्त धारूहेडा में 85, बावल में 48 बल्क वेस्ट जनरेटर है, जिनमें स्कूल, कॉलेज, वैंकट हॉल, होटल रेस्टांरेंट, अस्पताल, मार्किट एसोसिएशन, सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थाएं, राज्य सरकार केन्द्र सरकार के सभी कार्यालय शामिल है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद द्वारा प्रोसेस युनिट लगाने के लिए कंपनियों को सूचीबद्ध किया है। 

डीसी ने बताया कि सोलिड वेस्ट मैनेजमेेंट रूल 2016 के प्रावधान के अनुसार सभी वेस्ट जनरेटर जो रोजाना औसतन 100 किलोग्राम कचरा उत्पन्न करते है उनको अलग-अलग पात्रों में संग्रह करना होगा तथा गीले कचरे का डी सैंटरलाईज तरीके से कम्पोस्ट खाद बनाए। उन्होंने कहा कि सफाई में रेवाडी में रैकिंग के हिसाब से सुधार हुआ है लेकिन अभी इसमें बहुत कुछ करना बाकि है। सेमिनार में गुरूग्राम से आई सोनिया दूहन ने बायो मैडिकल वेस्ट, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सी एंड डी वेस्ट के बारे में, केन्द्रीय विश्वविद्यालय से आये डा. अनूप यादव ने वर्मी कम्पोस्ट, वरूण जैन, राकेश, -वेस्ट विशेषज्ञ सुभाष ओला, ऋषिपाल ने सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट, प्लास्टिक वेस्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर प्रोजैक्टर के माध्यम से वेस्ट मैनेजमेंट का डैमो भी दिखाया गया तथा सोलर वोस्ट मैनेजमेंट से संबंधित लीफलैट भी वितरित किये गये। 

उपायुक्त ने इस मौके पर विशेषज्ञों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस मौके पर एडीसी प्रदीप दहिया, सीटीएम रविन्द्र यादव, ईओ एमसी मनोज यादव, सचिव रैडक्रास श्याम सुंदर, सीएमओ डॉ कृष्ण कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी रामकुमार फलसवाल, बावल कमेटी के सचिव कर्मवीर, एमई अनिल कुमार, एमई अंकित वशिष्ठड्ढ, सुरेन्द्र, अरूण सहित शिक्षण संस्थाएं, सरकारी कार्यालयों के प्रतिनिधी, मार्किट एसेासिएशन के प्रधान, आरडब्ल्यूए के प्रधान, क्लबों के प्रधान, पोलिथिन विक्रेता, कैमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान, आईएमए के प्रधान, वैंकट हॉल के प्रतिनिधी सहित अनेक संस्थाओं ने सेमिनार में भाग लिया। कार्यक्रम के उपरांत बाल भवन परिसर में डीसी यशेन्द्र सिंह, एडीसी प्रदीप दहिया, सीटीएम रविन्द्र यादव ने पौधारोपण भी किया।

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