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मनोहर सरकार ने फसल मुआवजा 12 हजार प्रति एकड़ किया: धनखड़


किसान परामर्श गोष्ठी आयोजित 

धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि प्रदेश की मनोहर लाल सरकार ने फसल खराब होने पर मुआवजा बढ़ाकर 12 हजार प्रति एकड़ किया और किसी को भी अब 500 रूपए से कम नहीं मिलता। 

बाल भवन में आयोजित किसान परामर्श गोष्ठी में मंत्री धनखड़ ने कहा कि यह सबको साथ लेकर चलने वाली सरकार है और सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत पर चल रही है। इस गोष्ठी में रेवाडी, महेन्द्रगढ, गुरूग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह जिले के प्रगतिशील किसान शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में किसानों को खाद के लिए लाइन में लगना पड़ता था मगर हमारी सरकार में लाइन खत्म हो गई। किसानों की समस्याएं दूर करने के लिए राज्य किसान कल्याण प्राधिकरण गठित किया गया। सभी फसलो का एमएसपी उनके लागत मूल्य से डेढ़ गुना कर दिया गया। सरकार ने भावान्तर भरपाई योजना शुरू की, जिससे किसानों को आर्थिक संरक्षण मिला। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मंडी में सब्जी फल की कम कीमत के दौरान किसानों का निर्धारित संरक्षित मूल्य द्वारा जोखिम को कम करना तथा कृषि में विविधिकरण के लिए किसानों को प्रोत्सहित करना है। उन्होंने कहा कि टमाटर, प्याज, आलू फूल गोभी की फसलों भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है ताकि किसानो को लाभ पहुंचाया जा सकें। उन्होंने बताया कि बाजार में भाव गिरने की स्थिति में निर्धारित मूल्य के अनुसार सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी। 

मंत्री धनखड़ ने कहा कि सरकार की सोच है कि किसानों की समृद्धि में ही देश का हित निहित है। किसानों को आधुनिक बीज, पर्याप्त बिजली आपूर्ति एवं सरल बाजार सुविधा मिले, सरकार ने इसके लिए कोशिश की है। फसल बीमा योजना किसानों के हित के लिए है इससे प्राकृतिक आपदा या किसी बीमारी से फसल खराब हो जाने पर किसान को उचित मुआवजा मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को उनकी फसलों की बुआई से लेकर मंडियों में फसल की बिक्री तक सहायता प्रदान करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि बीमा सुविधा, प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त हुई फसल के लिए दिए जाने वाले मुआवजे और विभिन्न योजनाओं के तहत अन्य वितीय सहायता समेत राज्य सरकार द्वारा प्रदान किये जा रहे विभिन्न लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को बोई गई फसल का नाम, खेती के तहत क्षेत्र, फसली महीना, बैंक खाता संख्या और मोबाइल नंबर जैसी अनिवार्य जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध करवानी होती है। धनखड ने बताया कि सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्योरा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना जैसी अनेक योजनाएं किसानों के हित के लिए बनाई है। उन्होंने बताया कि कृषि अर्थव्यवस्था की समृद्धि की दिशा में कृषि को अब कृषि सेवा क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है तथा इस दिशा में कार्य किया जा रहा हैं। कृषि के साथ-साथ सहायक कृषि कार्यों की आर्थिक समृद्धि के लिए हरियाणा में नीतिगत परिवर्तनों को कार्यरूप दिया गया है। नीतिगत परिवर्तनों, कृषि विपणन श्रृंखलाबद्ध योजनाओं के माध्यम से कृषि अर्थव्यवस्था की समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें कृषि नेतृत्व पुरस्कार-2019 (फार्मिंग लीडरशिप अवार्ड-2019) से सम्मानित भी किया गया है। 

उन्होंने कहा कि दक्षिणी हरियाणा की नहरो को ठीक कराने के लिए 143 करोड रूपये मंजूर कराये तथा आखरी टेल तक पानी पहुंचाने का कार्य किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने बाल भवन परिसर में पौधारोपण भी किया। रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह ने कहा कि दक्षिणी हरियाण में पानी पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री कृषि मंत्री ने 143 करोड रूपये खर्च कर नहरो मे पानी पहुचाने के लिए पैम्पो मोटरों को ठीक कराकर उनकी मरम्मत कराई तथा मसानी बैराज को पानी से भरवाकर इस क्षेत्र में जल स्तर को ऊंचा किया। गोष्ठी में किसान आयोग के चेयरमैन ने भी किसान योजनाओं की जानकारी दी। गोष्ठी में रणबीर गंगवा, भाजपा जिलाध्यक्ष योगेन्द्र पालीवाल, डीडीपीओ डॉ एसी कौशिक, तहसीलदार मनमोहन, उपनिदेशक कृषि राजेश सिहाग, एसडीओ कृषि दीपक यादव, मार्किट कमेटी के सचिव नरेन्द्र सिंह, नायब तहसीलदार भूप सिंह समेत अन्य किसान मौजूद रहे। 

बाद में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए मंत्री धनखड़ ने कहा कि पहले संस्थाओ के नामकरण किसी एक पार्टी के परिवार से संबंधित होते थे। वीर शहीदो की बजाए अपने बाप दादाओ के नाम पर संस्थानों के नाम रखे गए मगर मौजूदा सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, वीर सांवरकर जैसे महान पुरूषो के नाम पर संस्थाओं के नाम रखे। कुलदीप बिश्रोई के यहां आयकर अधिकारियों की रेड पडने पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि पहले ऐसे नेता कहते थे कि जांच करा लो, फिर जांच होती है तो राजनैतिक से प्रेरित बताते हैं। किसानो ने भाव बढाने की मांग की तो उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव की तरह अपनी फसल को बेचना सीखे। उन्होंने कहा कि बीजेपी के चुनाव घोषणा पत्र को तैयार करने के लिए सुझाव भी मांगे। उन्होंने कारगिल शहीदों को श्रद्धाजंलि भी दी। 

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