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हिंदुस्तान की गंदगी को साफ़ करने में लगी है ये विदेशी गर्ल

उत्तराखंड:अमित बैरागी :देहरादून : जोडी इंग्लैंड की रहने वाली हैं. कुछ साल पहले भारत आई जोडी ने जब पहाड़ी इलाकों में गंदगी का स्तर देखा तो काफी दुखी हुईं, खासकर प्लास्टिक को लेकर जागरूकता का अभाव.

बस जोडी ने यहीं रह जाने का मन बना लिया और अपने स्तर पर गंदगी से सने इलाक़ों में साफ़ सफाई का काम करना शुरु किया. और साथ ही लोगों को जागरुक करने का भी. वह 'वेस्ट वॉरियर्स' नाम का संगठन चलाती हैं. 


हाथ में झाड़ू लिए और दस्ताने पहने साफ़-सफ़ाई करते उन्हें देखा जा सकता है. धीरे-धीरे लोग उनके साथ जुड़ते रहे और वह छोटे से संगठन के ज़रिए ये काम कर रही हैं. इसीलिए लोग उन्हें 'गार्बेज गर्ल' के नाम से भी पुकारते हैं


अपना देश छोड़कर कई सालों से भारत के पहाड़ों को ही अपना घर बना चुकी जोडी उत्तराखंड की त्रासदी से बेहद दुखी हैं. वह कहती हैं, "हमने पर्यावरण का इतना निरादर किया है, अब कुदरत ने हमें चेतावनी दी है. इतने लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. हमें ये प्रण लेना चाहिए कि इतने लोगों की जो जान गई, वो ज़ाया न जाए. कुछ तो हम सीखें इससे."

फिलहाल तो वो देहरादून में हेलिपैड के पास साफ-सफाई में लगी है लेकिन जोडी मानती हैं कि समस्या कहीं ज़्यादा गंभीर हैं.

जोडी कहती हैं, "अभी बचाव कार्य समाप्त हो जाएगा. जब बाकी इलाक़ों तक हम पहुँचना शुरू करेंगे तो पता चलेगा कि कितनी गाद, गंदगी ऊपर से बहकर जमा हो गई है. गाँव दोबारा बसाने हैं तो गंदगी साफ करनी होगी. ये चुनौतीपूर्ण काम होगा. हम इसी की तैयारी कर रहे हैं."

जोडी आगाह करते हुई कहती हैं, "बहुत से लोग मदद करने के लिए पहुँच रहे हैं लेकिन अभी न रास्ते हैं, न खाने-पीने का सामान. हमें योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा. अभी तो शुरुआत है. बहुत काम करना बाकी है. इसलिए मदद करने की इच्छा करने वाले समन्वय के साथ चलें."

पान की पीक, गंदे नालों का कूड़ा...किसी भी तरह की साफ़-सफ़ाई में जोडी को कोई शर्म महसूस नहीं होती. वे भारत में रहकर यही काम करते रहना चाहती हैं और फिलहाल उनकी प्राथमिकता उत्तराखंड

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