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सम्पूर्ण भारत वर्ष को एकता में पिरोने की क्षमता केवल संस्कृत भाषा में है आचार्य आनंद वल्लभ गोस्वामी

वृन्दावन :ब्राह्मण सेवा संघ के तत्वावधान में चल रहे दस दिवसीय संस्कृत सम्भाषण शिविर का समापन समारोह बड़े धूम धाम से गोधूलिपुरम सिथत वैष्णव कृपा निकेतन के सभागार में मनाया गया कार्यक्रम के मुख्या अतिथि पंडित चंद्र प्रकाश शर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा की संस्कृत विश्व की एकमात्र सम्पूर्ण वैज्ञानिक भाषा है, हमें इसका उपयोग अपने दैनिक वार्तालाप में अवश्य करना चाहिए.

समारोह की अधयक्ष्ता करते हुए पंडित गंगाधर पाठक ने कहा की देवभाषा संस्कृत सबसे प्राचीन होते हुए भी वर्तमान समय में पूर्ण उपयोगी है ,क्योंकि भारत को विश्वयुद्ध के स्तन पर इसी भाषा ने स्थापित किया है हमारे समस्त शाश्त्र जो की आज के  समय में शोध का विषय बने हुए है उनक सभी की रचना भी इसी भाषा में है.

ब्राह्मण सेवा संघ के अध्यक्ष आचार्य आनंद वल्लभ गोस्वामी ने कहा की सम्पूर्ण भारत वर्ष को एकता में पिरोने की क्षमता केवल संस्कृत भाषा में है .संस्कृत भर्ती के सहयोग से इस शिविर में 100 से भी अधिक प्रतिभागियों को प्रमाण पात्र वितरित किये गए.साथ ही प्रतिभागियों ने इस अवसर पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किये.

इस अवसर पर कार्यक्रम में पंडित चंद्र लाल शर्मा ,चंद्र प्रकाश दिवेदी ,सत्यभान शर्मा ,प्रोफेसर डॉक्टर रामदत्त ,आचार्य शिवंशभाई, राजेंद्र दिवेदी ,ब्रह्मऋषि श्याम सुंदर उपाध्याय,महंत वृन्दावनदास ,महेशबाबा ,जगदीश नीलम ,ब्रजेश शर्मा , संतोष चतुर्वेदी ,जय प्रकाश सारस्वत ,योगेश गौतम ,राजेंदर शुक्ला,जगदीश मिश्र,शयाम सुंदर भक्तमाली ,जानकी शर्मा ,नरेश शर्मा ,प्रियाशरण ,आर के त्रिपाठी ,देवेंद्र चैतन्य ,ब्रजेन्द्र भाई कौशिक, राम जीवन शर्मा ,गौरव शर्मा ,आदित्य शर्मा ,ब्रजभूषण मिश्रा ,के अतिरिक्त संस्कृत भर्ती के ब्रज प्रान्त मंत्री धर्मेंद्र जी एवम ब्रज प्रान्त के न्यास सचिव गंगाधर सहित काफी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे ,शिविर के मुख्या प्रशिक्षक श्रवण कुमार एवम सहायक प्रशिक्षक राधा शर्मा जी का शॉल ओढ़ाकर एवम प्रशासित पत्र देकर सम्मानित किया गया.





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