इनवेस्टीगेशन करते समय निर्दोष को सजा न मिले- जस्टिस एसके मित्तल

अजेयभारत, करनाल। इनवेस्टीगेशन करते समय निर्दोष को सजा न मिले पुलिस इस पर रखे फोकस ।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एसके मित्तल ने करनाल में कहा की सौभाग्यशाली को ही मिलता है इनवेस्टीगेशन का कार्य ।
जिस देश की आपराधिक न्याय प्रणाली अच्छी है वह देश भी अच्छा है। इनवेस्टीगेशन को आपराधिक न्याय प्रणाली की रीढ़ माना कहा जाता है। इसे बहुत ईमानदारी, सूझ-बूझ के साथ करना चाहिए।  इनवेस्टीगेशन का कार्य बहुत भी सौभाग्यशाली व्यक्तियों को मिलता है। यह कानूनी प्रकिया से कार्य करने के साथ-साथ न्याय दिलाने का महान कार्य है। इनवेस्टीगेशन करते समय हमेशा इस बात पर फोकस रखें कि अपराधी बच न पाए और निर्दोष को सजा न मिले। उक्त विचार हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन के सरदार पटेल हॉल में पुलिस व अभियोजन विभाग के अधिकारियों के लिए आपराधिक मामलों में, तफतीश की गुणवत्ता में बढ़ोतरी हेतु आयोजित दो दिवसीय सेमीनार के समापन अवसर पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एसके मित्तल ने बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। इस अवसर पर आयोग के महानिरीक्षक डा. एम रवि किरण, रजिस्ट्रार कुलदीप जैन, अभियोजन विभाग हरियाणा के अतिरिक्त निदेशक शशिकांत शर्मा भी उपस्थित रहे। मुख्यातिथि ने कहा कि व्यक्ति निरंतर सीखता रहता है। इनवेस्टीगेशन कार्य में अनुभवी अनुसंधान अधिकारियों से सलाह लें। इससे कार्य को बेहतर ढंग से करने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रतिभागियों से अपील करते हुए कहा कि इंवेस्टीगेशन की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाते हुए गौरव का अनुभव करें और न्याय की मुहिम मेंं भागीदार बनें। कार्यक्रम में अकादमी  के जिला न्यायवादी ने अकादमी के निदेशक श्रीकांत जाधव की ओर से मुख्य अतिथि का स्वागत किया। अकादमी के डीएसपी शीतल सिंह धारीवाल नें धन्यवाद किया।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष  जस्टिस एसके मित्तल।

Post a Comment

0 Comments