किसी का जीवन बचाना श्रेष्ठ कार्य: उपायुक्त

धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। 

वीरवार को सचिवालय सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में उपायुक्त यशेंद्र सिंह ने सड़क हादसे रोकने के लिए सभी विभागों को तालमेल बनाकर काम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि किसी के जीवन को बचाने को श्रेष्ठ कार्य बताया। उन्होंने कहा कि जीरो विजन का मतलब जीरो सडक हादसे है।


उपायुक्त ने लोक निर्माण, एनएचएआई, वन विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि जिस विभाग से संबंधित सड़क पर कोई कमी हो, उसे दूर किया जाए। जिस सडक पर हादसे होते हैं, उसे जीओ टैग किया जाए ताकि उस प्वाइंट पर निगरानी रखी जा सके। डीसी ने कहा कि जिला रेवाड़ी में 12 ब्लैक स्पोट, बनीपुर चैक, ओढी कट, जयसिंहपुर खेड़ा, संगवाडी, असाई ग्लास, हीरो कट, पाल्हावास, गुरावड़ा, भुडला, पाडला, साहबी पुल, साबन चैराहा हैं, जहां पर हादसे होते हैं, इन जगह हादसे रोकने के लिए कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि ड्राईविंग लाईसैंस बनाते समय अनिवार्य रूप से ड्राईविंग टेस्ट लिए जाए तथा आवेदकों को यातायात नियमों की जरूरी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि चिन स्ट्रेप, हैलमेट, सीट बेल्ट तथा सचेतक सडक चिन्ह आदेशात्मक सडक चिन्हों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।


उपायुक्त ने कहा कि स्कूल-कालेज में सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यशालाएं आयोजित कराई जाए। उन्होंने पायलेट चैक पर लगी ट्रैफिक लाइट के संकेत का समय बढाने के निर्देश दिए। उन्होंने मोटर वाहन संशोधन अधिनियम के नए यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सडक सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हर वर्ष सडक टै्रफिक नियमों का पालन करने पर सैकडों व्यक्ति सडक दुर्घटना का शिकार होते है तथा उनके परिवार को कठिनाईयां सहनी पडती है। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन संशोधित नियमों से निश्चित रूप से सडक दुर्घटनाओं में कमी आयेगी।


आरटीए सचिव एवं एडीसी प्रदीप दहिया ने बैठक में बताया कि सडक सुरक्षा की दृष्टिड्ढ से शहर राष्टड्ढ्रीय राजमार्गो पर सोलर कैट आई, कैट आई मीडियन मार्कर का कार्य किया गया है तथा सडक सुरक्षा के लिए उपायुक्त के मार्गदर्शन में ओर बेहतर कार्य किया जाएगा।


बैठक में बताया गया कि वर्ष 2016 में 281, वर्ष 2017 में 289, वर्ष 2018 में 299 तथा 2019 में अब तक 175 व्यक्ति सडक दुघर्टना में मारे गये हैं।  बैठक में बताया गया कि अगस्त माह में पुलिस द्वारा 5852 बिना हेलमैट, 189 बिना हेलमैट के पिलन राईडर, 685 बिना सीट बैल्ट, 113 तीव्र गति, 87 गुडस कैरियर में यात्री बैठाने पर, 413 गलत पार्किंग, 402 रोंग साईड ड्राईविंग तथा 662 अन्य चालान किये गये। बैठक में एसडीएम रविन्द्र यादव, डिप्टी सीएमओ डा. टीसी तंवर, डीएसपी जितेन्द्र, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी हेमन्त कुमार, आरएसए आयुश गोविल, हुडा विभाग के महेन्द्र यादव, यातायात निरीक्षक बलबीर सिंह अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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