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शहीद किसी जाति-विशेष के नहीं होते: डा. मुन्नीलाल रंगा

रेवाड़ी फोटो 6 व 7: शहीद भगत सिंह की जयंती पर अपनी बात रखते जाट सभा के एक वक्ता व श्रद्धाजंलि देते गणमान्य लोग। 
धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी।
कस्बा बावल के पास खेड़ा मुरार सड़क मार्ग स्थित देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्यौछावर करने वाले शहीद भगत सिंह पार्क में शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।
इस मौके पर पूर्व मंत्री डा. मुन्नीलाल रंगा ने कहा कि शहीद किसी जाति विशेष के नहीं होते, बल्कि सारे देश और समाज की धरोहर होते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरूषों एवं शहीदों के जीवन से युवाओं को रचनात्मक कार्य करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितम्बर 1907 को गांव खटकड़ कलां (बंगा) जिला लायलपुर, पंजाब में सरदार किशन सिंह के परिवार में हुआ। उन्होने अपनी माता श्रीमती विद्यावती से प्ररेणा लेकर देश की आजादी के लिये प्राणो की आहुति देकर युवावस्था में ही अंग्रेजों को जवाब देने का काम किया। एसेम्बली में बम धमाके करके उन्होंने अंग्रेजी सरकार की नींद खोलने का काम किया।

इस मौके पर बावल नगर पालिका के उप प्रधान चेतराम रेवाड़िया, जजपा नेता एडवोकेट श्याम सुंदर सभ्रवाल, दिल्ली से पहुचे अखिल भारतीय जाट सभा के प्रधान दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष राम कुमार सौलंकी, नफेसिंह नम्बरदार, अमीतमान, हाियाणा प्रदेश अध्यक्ष मीत तोमर, मीतमान राजस्थान, हरमीत खूंगर पंजाब, वीर कुमार बदरपुर विधान सभा अध्यक्ष  एड़वोकेट राम किशन महलावत, मास्टर गजेसिंह बावल, कप्टीन बुद्धराम पूर्व सरपंच , राम नाथ महलावत रूद्ध, जगबीर फलसवाल ने शहीद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके जीवन से प्ररेणा ले और आगे बढने के साथ-साथ, विशेष कर जाट समाज को चाहिए। इस मौके पर युवाओं से दहेज प्रथा पर रोक लगाने, शराब और नशे का बहिष्कार करने तथा सोने की अंगुठियां देने की परम्परा बंद करने की अपील की गई। वक्ताओं ने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने तथा बुराई के रास्ते से दूर रखने का अभिभावकों से आग्रह किया। समाज में परिवारों के बिखराव पर चिंता जाते हुए समाज को संगठित किए जाने की कसम लेने की अपील की गई। इस मौक पर कस्बा बावल में विधानसभा चुनावो के तुरन्त बाद अखिल भारतीय जाट सभा के पदाधिकारियों का मनोनयन किया जाएगा। 

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