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जहरीला चारा खाने से गौवंश की दर्दनाक मौत

6 गाय और 2 बछियाओं ने दम तोड़ा
फरीदाबाद से जांच टीम पहुंची, पंचनामा कार्यवाही के बाद गौवंश को दफनाया
फोटो 4: जहरीला चारा खाने से दुधारू गौवंश की दर्दनाक मौत की वजह जानते चिकित्सक एवं जांच टीम।
बावल। कस्बा बावल के पास प्राणपुरा स्थित सुरेश डेरी फार्म में दशहरा पर्व के दिन गौवंश की मौत का मामला प्रकाश में आया। इन गौवंश ने पशुचारे में कोई जहरीला कीट खा लिया, जिसकी वजह से कुछ वक्त के बाद इनकी मौत हो गई। इन दुधारू गौवंशों में विदेशी प्रजाति छ गाय और दो युवा बछिया होलिस्टर फ्रिजन उर्फ एचएफ नस्ल की हैं। पशु चिकित्सक बड़ी मशक्कत केवल एक गाय और बछिया को ही बचा पाए।
इस घटना से लोग हैरान हैं। पशु पालक सुरेश का रो-रोकर बुरा हाल है। अन्य पशुपालक भी इस घटना के बाद चिंतित हैं। हालांकि पशुधन बीमित था, इसलिए फरीदाबाद से आई बीमा कंपनी की टीम मौके पर पहुंचकर सरकारी चिकित्सक के संग पूरे मामले की जानकारी ली तथा बाद में जांच टीम के प्रभारी राकेश वशिष्ठ की मौजूदगी में पीड़ित सुरेश पुत्र सुंडाराम प्राणपुरा अपनी आपबीती सुनाई। मृत गौवंश की जांच के बाद राजकीय पशु चिकित्सालय राणौली के प्रभारी डा. राजेश महलावत ने इनकी मौत की वजह हरे चारे में किसी जहरीला कीड़े के अंश पाया जाना बताया। उन्होंने जहर वाले चारे का नमूना लेकर जांच के लिए भिजवा दिया है।
उधर प्रभावित पशुपालक को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दिलाने की प्रशासन से सुरेश निवासी प्राणपुरा, पूर्व सरपंच पन्नीलाल, पूर्व सरपंच राधेकृष्ण, बावल पालिका उप चेयरमैन चेतराम रेवाडिया, भागमल प्राणपुरा, प्रभूदयाल नेहरा, नैहरा, मामचंद नम्बरदार, शीशराम नैहरा, सुभाष चंद,रूप राम, कृष्ण पहलवान, श्रीचंद ने गुहार लगाई है। उधर पशु चिकित्सक राजेश महलावत ने कहा कि इससे पहले ऐसी घटना पंजाब क्षेत्र में देखी गई थी। बावल क्षेत्र में ऐसा पहली बार हुआ है। उन्होंने किसानों एवं पशुपालकों को अपने पशुओं को चारा डालते वक्त सावधानी बरतने की अपील की है ताकि उसमें कोई जहरीला कीट पशुचारे में ना चला जाए। उन्होंने कहा कि मक्का के उपरी भाग में हर सीटे के अंदर कोमल पत्तों में जहरीले कीट पाए जाते हैं। पशुपालक इनसे अपने पशुओं को बचाए और ऐसा चारा पशुओं के सामने डालने से परहेज करें। 

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