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युवाओं को सरकारी नौकरी के नाम पर ठगने वाले गिरोह के सरगना सहित तीन गिरफ्तार

गांवों के बेरोजगार युवकों से सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों रुपए ठगने वाले गिरोह के सरगना सहित तीन गिरफ्तार

जयपुर:- स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने जयपुर जिले में गांवों के बेरोजगार युवकों से सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों रुपए ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर गिरोह के सरगना व दो अन्य ठगों को गिरफ्तार किया है।
     एटीएस एवं एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री अनिल पालीवाल ने बताया कि गिरोह का सरगना हरि प्रकाश तोतला किशनगढ़ रेनवाल नगर पालिका का अध्यक्ष रह चुका है। इस गिरोह के सदस्य जोबनेर, रेनवाल, फुलेरा, कालाडेरा सहित जयपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में सक्रिय हैं तथा पिछले कई वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से वसूली कर रहे हैं। इन लोगों ने बड़ी संख्या में बेरोजगार युवकों को अपना निशाना बना लाखों रुपए की धोखाधड़ी की है।
     श्री पालीवाल ने बताया कि थाना कालाडेरा क्षेत्र के ग्राम घिनोई निवासी परिवादी गोकुलराज की रिपोर्ट पर एसओजी में प्रकरण दर्ज कर गिरोह के सरगना रेनवाल निवासी हरिप्रकाश तोतला एवं अन्य 2 सदस्यों हिंगोनिया थाना जोबनेर निवासी रामनारायण जितरवाल व थाना सदर, झुंझुनू निवासी आशीष कुमार गोरा (23) को गिरफ्तार किया गया है।
     उन्होंने बताया कि एसओजी को जानकारी मिली कि किशनगढ़ रेनवाल निवासी हरिप्रकाश तोतला पिछले लंबे समय से ग्रामीण युवाओं को सरकारी रोजगार दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूल कर ठग रहा है। वह ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार युवकों को जेवीवीएनएल हेल्पर, एलडीसी भर्ती, महिला सुपरवाइजर, सेकंड ग्रेड टीचर, राजस्थान पुलिस, पशुधन सहायक आदि विभागों में विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर स्वयं अथवा बिचौलिए के माध्यम से रुपए एकत्रित कर रहा है।
     अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस ने बताया कि एसओजी ने जब इस मामले की पड़ताल की तो चौकाने वाले मामले का खुलासा हुआ। इस गैंग का सरगना हरि प्रकाश तोतला व अन्य सदस्य बेरोजगार युवाओं को सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े नेताओं  एवं अफसरों के साथ अपनी फोटो दिखाकर सरकारी नौकरी दिलाने का वादा करते है। भरोसा कायम करने के लिए ये लोग पैसा देने वाले को पोस्ट डेटेड चेक भी देते थे कि यदि भर्ती नहीं हुई तो वे राशि लौटा देंगे। साथ ही ये बेरोजगारों से उनका परीक्षा प्रवेश पत्र की फोटो प्रति लेते थे या व्हाट्सएप पर मंगवा लेते थे।
      उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कितने युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपना शिकार बनाया इसके पूरे नेटवर्क के बारे में पता किया जा रहा है ।

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