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पंचायत समिति बावल के अध्यक्ष की कुर्सी पर संकट नहीं पहुंचे विरोधी सदस्य, इंतजार में बैठे रहे पीठासीन अधिकारी


रेवाड़ी फोटो : पंचायत समिति बावल के अध्यक्ष के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बुलाई गई बैठक।
धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी।
पंचायत समिति बावल के अध्यक्ष वीरेन्द्र छिल्लर के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बहुमत साबित करने की निर्धारित तिथि 20 नवंबर को खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय परिसर में उपायुक्त यशेंद्र सिंह के निर्देश पर बुलाई गई अहम बैठक अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में निर्धारित 11 बजे शुरू हुई। कार्यालय के सेवादार ने बैठक के आयोजन को लेकर तीन बार आवाज लगाई। मगर बैठक समाप्त होने तक सदन की कुर्सियां खाली पड़ी रही।

सरकारी नियमानुसार आधा घंटा इंतजार करने के बाद पीठासीन अधिकारी कम एडीसी प्रदीप दहिया ने 11.35 बजे 29 सदस्यों के इस सदन में उपाध्यक्ष विक्रम सिंह समेत अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले 20 सदस्यों में से एक भी सदस्य बैठक में नहीं पहुंचा। इस मौके पर एडीसी प्रदीप दाहिया, डीडीपीओ डा. अमरचंद कौशिक, सरकारी अधिवक्ता ड़ा. निरंजन सैनी, बीडीपीओ बावल वीरेन्द्र सिंह तथा पंचायत अधिकारी धर्मपाल भी मौजूद रहे। पीठासीन अधिकारी ने बताया कि
हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 62 तथा हरियाणा पंचायतीराज नियमावती 1995 के 10(3) के तहत प्रदत्त शक्तियां इस्तेमाल करते हुए 20 सदस्यों की ओर से पंचायत समिति बावल के अध्यक्ष के विरूद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक में निर्धारित समय अवधि के बाद भी विपक्ष का एक भी सदस्य बैठक में नहीं पहुंचा। पीठासीन अधिकारी ने 11.31 बजे इस बैठक के लिए जरूरी सदस्य उपस्थिति ना होने की वजह से अपनी शक्तियां इस्तेमाल करते हुए निर्धारित समय के आधा घंटा बाद बैठक अगली कार्यवाही के लिए समाप्त कर दी। 
इस संबंध में सरकारी अधिवक्ता नीरज सैनी ने बताया कि अब अध्यक्ष वीरेन्द्र छिल्लर आगामी बाकी कार्यकाल में अविश्वास प्रस्ताव के लिये लंबी प्रक्रिया, जो अब पूरा होना संभव नहीं, से बच गए हैं। उधर अध्यक्ष के विरोधी पक्ष के पंचायत समिति सदस्यों ने यातायात जाम में फंस जाने की वजह से इस बैठक में समय पर नहीं पहुंच पाने की बात कही है।

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