फिरोजपुर झिरका के अरावली पहाड़ी क्षेत्र में अबोध बालिका की निर्मम हत्या

क्या अब भी मीडिया कर्मियों को लंच देंगी एसपी साहिबा

धनेश विद्यार्थी, नूंह।
हरियाणा का जिला नूंह फिर एक बार एक घिनौने अपराध की वजह से दुनिया की नजरों में शर्मसार होने को मजबूर हो गया है। वह भी उन दरिन्दों की वजह से जिन्होंने एक मासूम और अबोध बालिका की दुष्कर्म के बाद निर्मम तरीके से हत्या कर दी। यह स्थिति तब अधिक गंभीर हो जाती है, जब जिला नूंह के साथ लगते साइबर सिटी गुरूग्राम में इस बार राज्यस्तरीय बाल दिवस समारोह आयोजित किया गया और राष्ट्रीय राजधानी से मात्र 100 किलोमीटर दूर किसी गंदी सोच वाले इंसान ने शैतान को शर्माने वाली करतूत को अंजाम दिया।
बता दें कि राज्य मुख्यालय से 25 दिसंबर को हरियाणा सरकार के एक बड़े अधिकारी एसीएस डा. राकेश गुप्ता की प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों एवं अधिकारियों को यह हिदायत की थी कि वे महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर मिलकर काम करें मगर उसके बावजूद जिला नूंह के कस्बा फिरोजपुर झिरका के पास अरावली पर्वतीय क्षेत्र के हिस्से में ऐसी वारदात हुई, जिसने पूरी मेवात का सिर दुनिया के सामने झुका दिया। जानकारी के मुताबिक करीब आठ वर्ष की यह अबोध बकरियों के साथ घर से निकली थी मगर दोबारा वापस नहीं लौटी। 
प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक इस बालिका का शव नग्न अवस्था में लहुलुहान अवस्था में (दुष्कर्म करने के बाद) एक पेड़ की डाल पर नग्न अवस्था में फांसी के फंदे से झूलाते पाया गया। गाय-बकरी चराने वालों ने इसकी सूचना जल्द शहर में दी और इसके बाद फिरोजपुर झिरका शहर में यह खबर सनसनी की तरह फैल गई और लोग वारदात वाली जगह पर पहुंचना शुरू हो गए। पुलिस भी सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची। मृतका के शव को कब्जे में लेकर दोषियों की पहचान का फिरोजपुर झिरका पुलिस ने शुरू कर दिया है। मगर इस वारदात में नूंह जिला पुलिस के अलावा नूंह जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के पांवों के नीचे से जमीन निकाल दी है। 
अब सवाल यह है कि सरकार के लाख प्रबंधों के बावजूद यह अबोध बालिका किसी वहशी दरिन्दे की हवश का शिकार बन गई और उनकी बड़ी बेदर्दी से फांसी लगाकर हत्या कर दी गई। फिलहाल पुलिस के हाथ खाली हैं मगर नूंह जिला पुलिस के अधिकारी इस मामले को एक चुनौती की तरह देख रहे हैं। अब देखना यह है कि शनिवार को एसपी संगीता रानी कालिया ने जिले के कस्बा तावडू में मीडियाकर्मियों को लंच देने का प्रोग्राम बनाया था, क्या वे ऐसी स्थिति में पत्रकारों को लंच कराएंगे।

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