परिवादियों को समाधान के नाम पर लाॅलीपोप थमा गए मंत्री जी

परिवादियों को समाधान के नाम पर लाॅलीपोप थमा गए मंत्री जी
नए साल से पहले अधिकारियों को दी नसीहत, सेवा भावना से करें काम
21 परिवादों की सुनवाई में पलड़ा अधिकारियों की तरफ झुका 
               रेवाड़ी फोटो 2 : लोगों की फरियाद सुनते मंत्री ओमप्रकाश यादव
धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी।
सोमवार को नगर के बाल भवन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति की अपनी पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुल 21 परिवादों की सुनवाई की मगर इस बैठक में वे परिवादियों को समाधान के नाम पर केवल लाॅलीपोप थमाकर चले गए।
उन्होंने नए साल से पहले प्रशासनिक अधिकारियों को नसीहत दी कि वे सेवा भावना से जनता की सेवा करें क्योंकि प्रदेश सरकार वर्ष 2020 को सुशासन वर्ष के तौर पर मना रही है। मंत्री यादव ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की कार्य नीति की सराहना करते हुए सरकार का मकसद भी साफ कर दिया कि वह अपनी योजनाओं का लाभ पंक्ति के अंत में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना चाहती है। परिवादों की सुनवाई के दौरान दो-तीन बार जिले में बैंकों के एक वरिष्ठ अधिकारी एलडीएम की जरूरत महसूस हुई मगर ये साहब तो बैठक से नदारद थे, जिनको मंत्री यादव के आदेश स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया जा रहा है। 
इस बैठक में पेश परिवादों में सर्वाधिक पुलिस विभाग से संबंधित थे और उनमें फरियादी पुलिस पर उनकी बात नहीं सुनने तथा उनको लम्बे समय से न्याय नहीं दिए जाने की शिकायत करते रहे। एक परिवाद में एक किसान ने मंत्री यादव को कृषि विभाग, बैंक, बीमा कंपनी की पोल खोलते हुए बताया कि उसके खाते से फसल बीमा योजना का पैसा काट लिया गया मगर उसे इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया क्योंकि उसके खाते से काटा गया पैसा संबंधित पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया और बीमा कंपनी ने उसे फसल का मुआवजा नहीं दिया।
उधर अंसल टाउनशिप को लेकर एक फरियादी ने कहा कि 2007 में यह टाउनशिप स्थापित हुई मगर इसमें जनसुविधाओं का आज तक अभाव है। करीब अढाई साल पहले संबंधित बिल्डर्स के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई मगर बाद में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डीटीपी की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच उपरोक्त जगह मूल सुविधाएं उपलब्ध कराने का लिखित आश्वासन मिलने के आधार पर समझौता हो गया मगर इन लोगों की समस्या अब तक हल नहीं हुई। 
अगली बैठक में इस मामले में दोबारा सुनवाई होगी। ऐसे कई परिवाद सामने आए, जिनमें अधिकारी और फरियादी आमने-सामने हो गए, जिसकी वजह से परिवाद का समाधान होने की बजाए उसे अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया गया। कुछ परिवादों में फरियादी अज्ञात कारणों से बैठक में ही नहीं पहुंचे। बैठक में एडीसी प्रदीप दहिया और एलडीएम की दो बार किरकिरी हुई। डीटीपी और सचिव आरटीए को तीन परिवादों में असहज स्थिति झेलनी पड़ी। फरियादी तथ्यों के आधार पर अधिकारियों पर हावी नजर आए। सचिव आरटीए कम एडीसी से संबंधित परिवाद में फरियादी को सारा मामला परिवहन आयुक्त के संज्ञान में लाने का मंत्री यादव ने आग्रह किया। 
पंचायत विभाग का एक परिवाद के तीन बिन्दुओं में से एक बिन्दु निपटा जबकि दो लंबित रहे। जाटूसाना में कालेज की स्थापना के लिए सरकार की ओर से 14 करोड़ रूपए काफी समय पहले जारी होने मगर उसकी जमीन को लेकर वन विभाग की ओर से अड़ंगा डाल दिए जाने का मामला भी मंत्री ओमप्रकाश के संज्ञान में लाया। इसमें बीडीपीओ ने एक सप्ताह में संबंधित गांव के सरपंच के बहाल होने की बात कहते हुए अगले सप्ताह में सरकार को प्रस्ताव भिजवा दिए जाने की बात कही। नगर परिषद का एक परिवाद का भी मंत्री ने निपटान किया। उधर श्रीगंगानगर की ओर से आने वाले बाइपास रोड का मुआवजा जल्द दिलाने की गुहार भी संबंधित किसानों ने मंत्री यादव के सामने लगाई। इनका आरोप था कि डीआरओ अपनी सीट पर ही नहीं बैठता। 13 माह का अतिरिक्त मुआवजा भी सरकार और राजस्व विभाग की ओर से किसानों ने मांगा है। 
मंत्री ने उक्त अधिकारी को जल्द यह मामला निपटाने के आदेश दिए। मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से अधिग्रहित भूमि का मुआवजा मिलते ही यह किसानों में तुरंत प्रभाव से बंटवाया जाए। बता दें कि इस मामले में किसान डीआरओ कार्यालय के घेराव की चेतावनी दे चुके हैं जबकि उपायुक्त यशेंद्र सिंह और पूर्व डीआरओ 15 दिन में मुआवजा देने की बात कह चुके हैं मगर उपायुक्त के बयान अखबारों की सुर्खियां बनने के बाद भी किसानों के हाथ खाली हैं जबकि इनकी जमीन का इंतकाल 2018 में सरकार के नाम चढ़ गया है। परिवाद निवारण बैठक में एडीसी प्रदीप दहिया, नगराधीश विकास यादव, एसपी नाजनीन भसीन, भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र पालीवाल, सुनील यादव, रत्नेश बंसल, पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह, कोसली विधायक लक्ष्मण यादव समेत अन्य अधिकारी एवं सैंकड़ों लोग शामिल हुए। इसी मौके पर मंत्री यादव ने शिक्षक भूदेव को दिव्यांग श्रेणी में श्रेष्ठ शिक्षक का सम्मान प्राप्त करने पर बधाई देते हुए उन्हें हरियाणा सरकार की ओर से घोषित इनाम राशि एवं शील्ड प्रदान की। 
              रेवाड़ी फोटो 3: शिक्षक भूदत का सम्मान।

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