कोटा अधीक्षण खनिज अभियंता पन्नालाल मीणा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते दबोचा

कोटा. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी ) बूंदी ने बुधवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटा के अधीक्षण खनिज अभियंता (एसई )पन्नालाल मीणा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते उसके घर पर ही दबोच लिया। पन्नालाल रॉयल्टी ठेकेदार का ठेका समाप्त होने के बाद उके ठेके की धरोहर राशि व बैंक गारंटी की राशि लौटाने की एवज में रिश्वत ले रहा था। घूसखोर एसई ने दो नम्बर की कमाई को गिनने के लिए घर पर ही मशीन लगा रखी थी। घर से 16 लाख से अधिक की नकदी जब्त की है।
बूंदी एसीबी की पुलिस उप अधीक्षक तरूणकांत सोमानी ने बताया कि बूंदी के केशवरायपाटन के करवाला की झोपडिय़ा निवासी (हाल निवासी कैथूनीपोल ) परिवादी राजेन्द्र कुमार शर्मा ने एसीबी में दी शिकायत में बताया कि उसका लाडपुरा राजस्व क्षेत्र में खनिज सेण्ड स्टोन व मेसेनरी स्टोन का अधिशुल्क संग्रहण (रॉयल्टी वसूली) का ठेका था। जिसकी अवधि 31 मार्च 2019 को समाप्त हो गई थी।
इसके बाद परिवादी शर्मा धरोहर राशि के रूप में खनिज विभाग में धरोहर राशि व बैंक गारंटी के लिए जमा करीब 86 लाख रुपए की एफडीआर रिलीज करवानी थी। इसे रिलीज करवाने के लिए अधीक्षण खनिज अभियंता मीणा उसे कई महीनों तक चक्कर लगवाता रहा।
घनचक्कर कर दिया, फिर मांगे दो लाख
परिवादी बार-बार चक्कर लगाते हुए घनचक्कर हो गया था। उसने परेशान होकर यह राशि रिलीज करवाने की मीणा से गुहार की, तो उसने दो लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। परिवादी ने आर्थिक तंगी का हवाला देकर राशि देने में असमर्थता जताई तो मीणा भड़क गए और राशि रिलीज नहीं की। इससे परिवादी परेशान हो गया। फिर दोनों के बीच एक लाख रुपए में सौदा तय हुआ।
इसके बाद परिवादी ने इस मामले में की शिकायत बूंदी एसीबी को की। इस पर बूंदी एसीबी ने 22 दिसम्बर को मामले का सत्यापन करवाया। जिसमें मामले का सत्यापन हो गया और आरोपी ने उसे 25 दिसम्बर को सुबह करीब 10 बजे रिश्वत की राशि लेकर अपने आरकेपुरम ए स्थित 89 व 90 नम्बर के मकान पर बुलाया। जहां बूंदी एसीबी टीम व कोटा एसीबी टीम पहुंची और एक लाख रुपए की रिश्वत लेते अधीक्षण खनिज अभियंता पन्नालाल मीणा को गिरफ्तार कर लिया।

कर्मचारियों ने दिखाया साÓब का रास्ता
परिवादी शर्मा ने पत्रिका को बताया कि उसकी रॉयल्टी का ठेका 31 मार्च 2019 को ही समाप्त हो गया था। इसके कुछ दिन बाद ही उसने धरोहर राशि व बैंक गारंटी रिलीज करवाने की प्रकिया शुरू कर दी थी। इसके लिए विभाग कर्मचारियों से भी सम्पर्क किया। सभी ने इसके लिए अधीक्षण अभियंता पन्नालाल से संपर्क करने को कहा। इस पर जब उसने पन्नालाल से संपर्क किया, तो उसने उसे चक्कर कटवाना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने इस काम के लिए दो लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। जिस पर उसने एसीबी में शिकायत की।
आलीशान मकान, लक्जरी सुविधाएं
पन्नालाल का आरके पुरम ए में 89-90 नम्बर का मकान का जोड़ा है। जो दो मंजिला बना हुआ है। मकान के तहखाने में गोदाम है, जबकि प्रथम तल पर मिठाई व नमकीन की बड़ी दुकान व कारखाना है। इसके अलावा सटे हुए भूखंड पर मार्बल का स्टॉक है। पन्नालाल का इसके पास की सरकारी भूमि समेत सामने यूआईटी की बेशकीमती भूमि पर भी अतिक्रमण था। पन्नालाल के आरके पुरम के मकान की वर्तमान कीमत करीब तीन करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है। मीणा का बंगला आधुनिक सुविधाओं से युक्त है।
नोट गिनने की मशीन से गिनता था रिश्वत की रकम -
पन्नालाल के घर कार्रवाई करने पहुंची एसीबी को उसके आवास से नोट गिनने की मशीन मिली। यह मशीन रिश्वत की राशि गिनने के काम आती है। पन्नालाल अधिकांशतया घर पर ही रिश्वत लेता था। ऐसे में उसने प्रथम तल पर बने आवास को रिश्वत लेने का अड्डा बना रखा था। यहीं पर खान मालिक व रॉयल्टी ठेकेदार समेत अन्य अधिकारी अपना काम करवाने पहुंचते थे।
बड़े-बड़े नेता व अफसर भी कार्रवाई करवाने से डर रहे थे -
एसीबी सूत्रों ने बताया कि पन्नालाल काफी समय से रिश्वत ले रहा था। ऐसे में उसके पास काफी प्रॉपर्टी है। रिश्वत की कमाई से उसने काफी प्रॉपर्टी खरीदी। एसीबी ने उसके घर से काफी दस्तावेज बरामद किए है। जिनकी जांच की जा रही है। इसके अलावा एसीबी की एक टीम पन्नालाल के भीलवाड़ा जिले की बिजौलिया तहसील के गांव थडोदा में भी भेजी गई है। खबर लिखे जाने तक एसीबी ने आरोपी के घर से 16 लाख 84 हजार 785 रुपए बरामद कर लिए थे।

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