नागरिकता छीनने नहीं अपितु देने वाला अधिनियम-जयंत मलैया

भ्रम दूर करने भाजपा का पन्द्रह दिवसीय कार्यक्रम


डा.एल.एन.वैष्णव:दमोह 04 जनवरी:

भारतीय जनता पार्टी अब सडको से लेकर खेतों और खलिहानों के साथ उन सभी लोगों के मध्य पहुंचेगी और भ्रम को दूर करने का प्रयास करेगी जिसको लेकर कुछ लोग भ्रमित हैं यह बात मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया ने कही। श्री मलैया स्थानीय भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होने जहां नागरिकता संशोधन अधिनियम के संबध में भारत सरकार,भारतीय जनता पार्टी का पक्ष रखा तो वहीं पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर भी दिये। श्री मलैया ने कहा कि यह अधिनियम किसी की नागरिकता छिनने के लिये नहीं अपितु देने वाला है। 1955 मेें यह अधिनियम बना था भारत सरकार ने तो इसमें संशोधन किया है पूर्व में 11 बर्ष तक लगातार रहने वालों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान था अब इसको घटाकर 5 बर्ष कर दिया गया है।

उन्होने कहा कि भारत का बटवारा धार्मिक आधार पर हुआ था और पाकिस्तान बना जबकि भारत पूर्णतःधर्म निरपेक्ष देश है यहां पर सभी को अपनी- अपनी उपासना पद्धति के अनुसार रहने के अधिकार दिये हुये है। श्री मलैया ने कहा कि 1947 में महात्मा गांधी ने जो कहा था उसका पालन प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। उन्होने महात्मा गांधी की बात को अमली जामा पहना दिया तो क्या गलत किया है। श्री मलैया ने इस बात का उल्लेख करते हुये कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिन्दु अल्पसंख्यक यहां आ सकते हैं उनके रहने और नागरिकता,रोजगार की व्यवस्था करने के लिये भारत सरकार को तैयार रहना चाहिये। अगर इसी बात को पूरा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर दिया तो इसमें कांग्रेस को विरोध क्यों करना चाहिये। नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करना महात्मा गांधी का अपमान है।

विरोधियों से प्रेस के माध्यम से प्रश्न-
उन्होने कहा कि विरोध करने वाले यह क्यों नहीं बताते कि बटवारे के समय पाकिस्तान में 23 प्रतिशत अल्पसंख्यक( हिन्दु,बौद्ध,सिक्ख,पारसी,ईसाई आदि थे ) जिनकी संख्या वर्तमान में घटकर आखिर 3.7 प्रतिशत कैसे रह गयी। वहीं बंगलादेश में 22 प्रति.से 7.8 प्रति.कैसे रह गयी। जबकि भारत में मुस्लिम देश के बटवारे के समय 9.8 था जो अब 14 प्रति.से ज्यादा है भारत में किसी भी धर्म के लोगों को प्रताडित नहीं किया जाता है। श्री मलैया ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर भ्रम फैलाने वालों से मेरा प्रश्न है कि बटवारे के बाद वहां के अल्पसंख्यकों को क्या आसमान खा गया या जमीन निगल गयी इस बात का जबाब दें। उन्होने कहा कि यहां पर या तो अल्प संख्यकों को मार दिया गया या फिर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। श्री मलैया ने कहा कि जो लोग मुसलमानों को भ्रमित कर रहे हैं वह उनके हितेषी नहीं है वह उनको बरगला के डराके मुख्य धारा में आने से रोकने वाले है। एक प्रश्न के उत्तर में श्री मलैया ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं अन्य कांग्रेस शासित के मुख्यमंत्रियों का अधिनियम का विरोध करना संवैधानिक नहीं है वह तो अपनी अपनी रोटियां सेंक रहे हैं।

मुसलमानों को भी नागरिकता देने का प्रावधान और दी भी है-
श्री मलैया ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि भारत के इस अधिनियम में किसी की नागरिकता को छीनने नहीं अपितु देने का प्रावधान है। उन्होने कहा कि शरणार्थियों एवं घुस पैठियों में फर्क है। श्री मलैया ने कहा कि पूरे अधिनियम में एक जगह भी मुसलमानों के विरोध की बात हो ढूंड कर बतायें सिर्फ कोरा भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकार में पिछले 05 बर्षो मंे 566 मुसलमानों को भारत की नागरिकता दी गयी है।अदनाम सामी जैसे अनेक लोग भारत में नागरिकता मिलने पर गौरव का अनुभव कर रहे हैं।

भ्रम दूर करने भाजपा का अभियान-
जिला महामंत्री रमनखत्री ने बतलाया कि आगामी 05 जनवरी से लेकर 20 जनवरी 2020 तक विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से जनजन तक नागरिकता संशोधन अधिनियम की वास्तविकता बताने के लिये आयोजन किये जायंेंगंे। जिसमें समस्त वर्ग,समुदाय,समाजसेवी राष्ट्रभक्तों की उपस्थिति रहेगी। वहीं उन लोगों का भी पर्दाफाश किया जायेगा जिन्होने अधिनियम को लेकर लोगों को भ्रमित किया। इस अवसर पर नपा अध्यक्ष मालती असाटी,नगर अध्यक्ष द्धय मनीष तिवारी,सतू लाल रोहित,बीडी बाबरा सहित भाजपा के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।

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