पुलिस को चैलेंज करने वाले योगेश चारणवासी को आखिरकार झुंझुनूं पुलिस ने धर दबोचा

पुलिस को चैलेंज करने वाला योगेश चारणवासी गिरफ्तार।

झुंझुनू पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र शर्मा के आते ही। खूंखार अपराधी को किया गिरफ्तार।
झुंझुनूं पुलिस को चैलेंज करने वाला योगेश चारणवासी गिरफ्तार। झुंझुनू पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र शर्मा के आते ही। खूंखार अपराधी को किया गिरफ्तार। जतिन सोनी हत्या व लूट  कांड का था मुख्य आरोपी। पुलिस की विशेष टीम गुजरात से उसका पीछा कर रही थी, बीकानेर में उसे गिरफ्तार कर लिया। योगेश के अलावा पुलिस उसके अन्य साथियों को पहले गिरफ्तार कर चुकी। पुलिस अब उसे शरण देने वालों का पता लगा रही है। इसके बाद उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा। झुंझुनूं. माननगर में 15 सितम्बर 2019 को दिन में 2 बजकर 37 मिनट पर अपने साथियों के साथ सर्राफा व्यापारी जतिन सोनी की हत्या करने व डकैती के मुख्य आरोपी योगेश चारणवासी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर ही लिया। पुलिस की विशेष टीम गुजरात से उसका पीछा कर रही थी, बीकानेर में उसे गिरफ्तार कर लिया। योगेश के अलावा पुलिस उसके अन्य साथियों को पहले गिरफ्तार कर चुकी। पुलिस अब उसे शरण देने वालों का पता लगा रही है। इसके बाद उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा।
यह कहकर गया था 15 सितम्बर को डकैती के बाद योगेश माननगर स्थित न्यू प्रकाश ज्वलैर्स पर जतिन के कर्मचारी को पहले अपना फोटोयुक्त पहचान पत्र दिया। फिर कहा था कि यह मेरा पहचान पत्र है। इसे रख ले। पुलिस आए तो यह उसे दे देना है। हां, और कह देना दुकान पर डकैती डालने योगेश चारणवासी आया था। पुलिस के अधिकारियों को कह देना कि अगर उनमें दम है तो योगेश को गिरफ्तार करके दिखाए। पुलिस को चैलेंज देने वाले योगेश की तलाश के लिए पुलिस टीम हरियाणा सहित कई जगह गई, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। आखिर फरवरी 2020 में वह पकड़ा ही गया। यह थी घटना ! माननगर स्थित न्यू प्रकाश ज्वैलर्स पर 15 सितम्बर को दिन दहाड़े योगेश व उसके साथियों ने डकैती की। इसके बाद ! जाते समय जतिन को आरोपी गोली मार गए थे। घटना के बाद कुछ दिन सामाजिक व अन्य संगठनों के दबाव पर पुलिस ने हरियाणा व अन्य जगह टीम भेजी। उसके ठीक 25 दिन बाद जयपुर में उपचार के दौरान जतिन सोनी जिंदगी की जंग हार गया था। घटना के दिन से ही जतिन के परिजनों ने अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले थे। कुछ दिन तक पुलिस ने गश्त भी की। अब योगेश की गिरफ्तारी के बाद संभवत अब प्रतिष्ठान खोले जा सकते हैं। नए पुलिस अधीक्षक जगदीशचंद्र शर्मा इस मामले में लकी साबित हुए। योगेश को पकडऩे के लिए तत्कालीन एसपी गौरव यादव व उनकी टीम लगी हुई थी। उन्होंने योगेश को चैलेंज के रूप में ले रखा था। कई जगह टीम गई भी, कुछ जगह सुराग भी हाथ नहीं लगे, लेकिन वे योगेश को गिरफ्तार नहीं कर सके। हालांकि उन्होंने सूत्र दौड़ाए रखे। टीम कार्य कर रही थी। अब इसे संयोग कहा जाए या भाग्य , कारण चाहे कुछ भी हो लेकिन योगेश आखिर गिरफ्तार हो ही गया।




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