दिल का छेद नहीं छीनेगा अब खुशी के चेहरे की खुशी नौ वर्ष की खुशी का जयपुर में हुआ दिल के छेद का निशुल्क आॅपरेशन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम तहत हुआ आॅपरेशन


चूरू, 17 फरवरी।। रतनगढ़ के गौरीसर गांव की खुशी अब दौड़ में कभी पीछे नहीं रहेगी। थोड़ा सा चलने पर ही सांस के साथ थकान व कमजोरी उसे परेशान नहीं करेगी। यह सब संभव हुआ है राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दिल के छेद के निशुल्क आॅपरेशन के कारण। सीएमएचओ डाॅ. भंवरलाल सर्वा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम के प्रयास के बाद खुशी के चेहरे की खुशी लौट आई है। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. सुनील जांदू ने बताया कि गौरीसर निवासी करणीसिंह की पांच बेटियों में सबसे छोटी नौ वर्षीय खुशीकंवर जन्म से दिल के छेद की बीमारी के कारण परेशान थी। आरबीएसके टीम की ओर से राजकीय स्कूल में स्क्रीनिंग शिविर लगाया गया। शिविर में आरबीएसके टीम के डाॅ. सुरेश कुमावत व डाॅ. संगीता ने खुशी की जांच की। जांच में खुशी के जल्द ही थक जाना व बार-बार बीमार होने की बात सामने आई। टीम ने खुशी को चूरू के डीआईसी सेंटर पर रैफर किया। डीआईसी सेंटर पर समन्वयक विजेन्द्र भाटी व विजय शर्मा ने खुशी की दीपक हार्ट एंड जनरल अस्पताल में ईको जांच निशुल्क करवाई गई। जांच में खुशी के दिल में छेद पाया गया। टीम ने खुशी के उपचार के लिये उसे जयपुर भेजा। जयपुर के हार्ट एंड जनरल अस्पताल में 13 फरवरी 2020 को हद्रय रोग का निशुल्क उपचार करवाया गया। उपचार पर करीब डेढ़ लाख रूपये से अधिक का खर्च आया जो आरबीएसके की ओर से भुगतान किया गया। खेती का काम करने वाले करणी सिंह के लिये महंगा उपचार बेटी का करवाया जाना संभव नहीं था। आरबीएसके के माध्यम से उपचार होने के बाद करणी सिंह के परिवार के चेहरे पर खुशी है।

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