झुंझुनूं प्रशासन द्वारा गरीबो को अवधि पार हो चुका सामान बांटा जा रहा है ।



 जिले के क्रय विक्रय सहकारी समिति की भूमिका भी है संधिग्ध । झुंझुनूं जिला प्रशासन द्धारा जरूरतमंद लोगों को वितरण के लिये झुंझुनू क्रय विक्रय सहकारी समिति द्वारा बनाए जा रहे खाद्य सामग्री के पैकेटों में एक्सपायरी डेट का भी सामान पैकिंग किया जा रहा है।जिला प्रशासन द्धारा बनवाये जा रहे पैकेटों में निर्धारित मात्रा से कम मात्रा में सामान पैक किया जा रहा है।सामान की मात्रा अधिकांश पैकेटों में कम मिली।जब तेल की बोतल को देखा गया तो प्रत्येक बोतल में भी मात्रा कम मिली तो वहीं चावल,दाल के निर्धारित एक किलो की पैकिंग की जगह 800 - 850 ग्राम पैकिंग में मिला तथा अवधि पार का भी सामान पैकिंग किया जा रहा था। खाने के तेल की बोतलों पर पैकिंग करने का जुलाई माह लिखा हुआ है जबकि उसको पैकिंग करने के छ माह तक ही उपयोग में लिया जा सकता है।
मीडियाकर्मियों ने प्रशासन के साथ जाकर सामान की जांच करवाई जिसमें फूड इंस्पेक्टर महेश कुमार ने माल को जप्त कर सील किया। पत्रकारों की शिकायत पर झुंझुनू एसडीएम सुरेंद्र यादव,डीएसओ अमृतलाल मौके पर पहुंचे व खाद्य सामग्री के बनाए जा रहे पैकेट की सप्लाई को तुरंत प्रभाव से रोका व दुरूस्त करने के निर्देश दिए।गौरतलब है कि क्रय विक्रय सहकारी समिति को गरीबों के लिए खाद्य सामग्री वितरण के लिए तैयार करने का कार्य दिया गया था।जो नगर परिषद द्वारा वितरित किया जाना था।लेकिन जब पत्रकारों को इस सूचना मिली कि नगर परिषद झुंझुनू में सामग्री के जो पैकेट बांटे जा रहे हैं उनकी गुणवत्ता व मात्रा दोनों सही नहीं हैं। पत्रकारों ने ईसकी शिकायत जिला कलेक्टर को की, जिला कलेक्टर उमरदीन खान ने तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि संपूर्ण माल की जांच की जाए और जिसने भी गलत किया उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए।उपरोक्त मामले में क्रय विक्रय सहकारी समिति के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत होती है।एक्सपायरी डेट का सामान भी आंखे मूंदकर पैकिंग करना बड़ा सवालिया निशान हैं।जहां पूरा देश कोरोना संकट में लोगों की बढ़चढ़ कर मदद कर रहा है वहीं जिला प्रशासन द्धारा वितरण करवायी जाने वाली सामग्री में भी लोग हेराफेरी करने से नहीं चूक रहे हैं।इससे जिला प्रशासन की बदनामी हो रही है।जिला प्रशासन को एक्सपायरी डेट के सामान को नष्ट करवाना चाहिए।जिससे रैपर बदल फिर यही समान बिक्री में ना आ पाए।

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