कोरोना वायरस ने सीजनल व्यापार भी कमर तोड़ रख दी है , बेहाल हुए गरीब

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते देशव्यापी लॉक डाउन के कारण रुकी आर्थिक  सामाजिक धार्मिक गतिविधियों ने सीजनल व्यापार भी कमर तोड़ रख दी है ।

अजय कुमार विद्यार्थी:भरतपुर/डीग
लॉक डाउन के दौरान कोरोना कर्फ्यू में अन्य फसलों का तो बचाव हो गया ।

लेकिन फूलों की खेती करने वाले किसानों के फूलों की बिक्री नहीं हो पाने के कारण विकट समस्या पैदा हो गई है। सरकार द्वारा संभवत 3 मई तक लॉक डाउन जारी रखने और मंदिर देवालय तीर्थस्थल धार्मिक तथा अन्य सामाजिक आयोजनों पर तब तक रोक लगने से फूलों की खेती कर रहे परिवारों के सामने भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई है I
डीग क्षेत्र के किसानो का यह सीजन अब बर्बादी की कगार तक जा पहुचा है।
डीग के अऊ गांव में करीब 25 परिवार ऐसे हैं जो फूलों की खेती कर  आस पास के प्रदेशों के विभिन्न इलाको मे फूलों का व्यापार कर

जैसे तैसे अपना जीवन यापन कर रहे थे ।
 लॉक डाउन ने फूलों की खेती करने वाले किसानों की कमर तोड़कर रख दी है  । नवरात्रा के निकलने के बाद  शादी विवाह  स्वागत आदि सभी गतिविधि रुकने पर खेतों में तैयार गैदा  गुलाब  के फूलों की तुडाई नही होने से फूल सूखने के कगार पर पहुच गये हैं।

इससे किसानों कों करीब करीब 42 लाख रुपयो का नुकसान होने का अनुमान हैं।

गांव के कन्हैया का कहना है कि गांव में करीब 25 ऐसे किसान परिवार हैं जो गेंदा के फूलों की खेती करते हैं ।
 फूलों की खेती करने वाले किसान कन्हैया ने बताया कि गांव अऊ में करीब 60 बीघा जमीन में गेंदा के फूलों की खेती की जा रही है चार-पांच दिनों के अंतराल में करीब 32 क्विंटल फूलो बिक्री के लिए ले जाए जाते थे । किसान एक बीघा में करीब 70 से ₹75 हजार कमा लेता था ।

 विष्णु सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि फूलों की सबसे ज्यादा खपत गोवर्धन मथुरा वृंदावन मे होती है ।
 इसके अलावा  डीग भरतपुर  मथुरा दिल्ली  की मंडियों में  बिक्री के लिए फूल ले जाते थे ।

मंदिरों के पट बंद हो जाने से गोवर्धन के सभी मंदिरों के साथ परिक्रमा के बंद होने की श्रद्धालुओं की कमी शादी विवाह आदि अन्य आयोजन पर रोक लगने से फूलों की मांग लगभग खत्म हो गई ।
जिससे बिक्री ठप हो गई ।
 फसल बर्बाद होने पर  अऊ के किसानों  ने जिला कलेक्टर के नाम  डीग उपजिला कलेक्टर कार्यालय पहुचकर उपखंड अधिकारी सुमन देवी को ज्ञापन सौंपा I
ज्ञापन मे फूल की खेती कर रहे किसानों ने  सरकार से मुआवजा दिलाने की मोग की है ।

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