हरियाणा सरकार ने संपत्तिकर में भारी छूट देने बारे अधिसूचना की जारी

- 31 अगस्त तक संपूर्ण प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करने वालों को मिलेगी 25 प्रतिशत की छूट
- प्रॉपर्टी टैक्स पर लगने वाले ब्याज को किया गया है पूरी तरह से माफ
- गांवों के लाल डोरे में स्थित रिहायशी संपत्तियों के प्रॉपर्टी टैक्स पर मिलेगी 50 प्रतिशत की छूट
- जिन प्रॉपर्टी मालिकों ने विगत तीन वर्षों में अपना प्रॉपर्टी टैक्स प्रतिवर्ष 31 जुलाई तक जमा करवाया हैं, उन्हें 10 प्रतिशत            नियमित छूट के साथ अतिरिक्त 10 प्रतिशत छूट भी मिलेगी
- ऑटो डेबिट तरीके से भुगतान करने वालों को 5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट 

गुरूग्राम। हरियाणा सरकार द्वारा कोविड-19 प्रतिबंधों के दौरान नागरिकों के कराधान दायित्वों को कम करने के लिए वर्तमान प्रॉपर्टी टैक्स और पिछले बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर विशेष छूट के साथ नई प्रॉपर्टी टैक्स माफी अधिसूचना जारी की गई है। 

इस बारे में जानकारी देते हुए नगर निगम गुरूग्राम के आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत जो प्रॉपर्टी मालिक अपना संपूर्ण बकाया प्रॉपर्टी टैक्स 31 अगस्त तक जमा करवाएंगे, उन्हें वर्ष 2010-11 से लेकर वर्ष 2016-17 तक के प्रॉपर्टी टैक्स पर 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स पर लगने वाले ब्याज को माफ किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन संपत्ति मालिकों ने विगत तीन वर्षों में अपना प्रॉपर्टी टैक्स 31 जुलाई तक जमा करवाया है, उन्हें नियमित 10 प्रतिशत छूट के साथ अतिरिक्त 10 प्रतिशत छूट भी दी जाएगी। ऑटो डेबिट तरीके से भुगतान करने वालों को 5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट का लाभ मिलेगा।

निगमायुक्त ने बताया कि नगर निगम गुरूग्राम की सीमा में गांवों के लाल डोरा क्षेत्र में स्थित रिहायशी संपत्तियों पर उन सपंत्ति मालिकों को 50 प्रतिशत छूट देने का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि चेरीटेबल शिक्षण संस्थान, चेरीटेबल अस्पताल और विशेष बच्चों के लिए चल रहे स्कूल, जो सरकारी स्कूलों और अस्पतालों  के समान शुल्क लेते हैं, उन्हें शत-प्रतिशत छूट दी गई है। 

निगमायुक्त ने कहा कि संशोधित संपत्तिकर बिलों की जांच नगर निगम गुरूग्राम की वैबसाईट www.mcg.gov.in पर 25 मई से की जा सकती है। पहली जून से नागरिकों की सुविधा के लिए एसएमएस और पेपर-बिल के माध्यम से बिल वितरित किए जाएंगे। उन्होंने गुरूग्राम के संपत्ति मालिकों से आह्वान किया कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर अपने प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करके सरकार द्वारा दी जा रही छूट योजना का लाभ उठाएं। समय पर भुगतान नहीं करने की सूरत में एक तरफ जहां प्रॉपर्टी टैक्स पर 18 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज लगेगा, वहीं डिफॉल्टर प्रॉपर्टी मालिकों की प्रॉपर्टी को सील करके नीलामी की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।

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