सरपंच बना कलेक्टर से ऊपर ,ग्राम पंचायत के तुगलकी फरमान से ग्रामीण असमंजस

-सरपंच बना कलेक्टर से ऊपर 

-ग्राम पंचायत के तुगलकी फरमान से ग्रामीण असमंजस

जयंतीलाल कोशीथल:
जिले भीलवाड़ा के सहाड़ा उपखंड में सहाड़ा 
पंचायत समिति अंतर्गत ग्राम पंचायत कोशीथल द्वारा एक माइक से पंचायत क्षेत्र में 10 दिन के लिए पूर्ण रूप में लोक डाउन के सरकारी नियमों से ऊपर भी तुगलकी फरमान जारी करना जहां एक तरफ ग्राम पंचायत के लोगों को दुविधा पूर्ण स्थिति है वहीं आसपास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है इस संबंध में जब अजेयभारत संवाददाता द्वारा संबंधित पंचायत के सचिव से जानकारी चाही तो उन्होंने भी बताया कि माइक से प्रचार तो हुआ है लेकिन लोगों को डराने के लिए हुआ है

जबरन वास्तविक लोग डाउन कराने के लिए नहीं किया गया इधर ग्राम पंचायत के सरपंच से भी दूरभाष पर हुई बातचीत में उन्होंने भी कहा कि ग्राम पंचायत के कुछ किलोमीटर निकट कोरोना वायरस ओके पॉजिटिव केशव से देखते हुई है लोगों को केवल डराने के लिए यह प्रचार प्रसार किया है सरपंच ने दूरभाष पर बात करते हुए बताया कि हमने उपखंड अधिकारी से भी मौखिक स्वीकृति प्राप्त कर ली थी लोगों को डराने के लिए ऐसा प्रचार करवाया दुकान खुलवा दिए इधर उपखंड अधिकारी से संवाददाता ने दूरभाष पर जानकारी चाही तो उपखंड अधिकारी ने इस तरह किसी भी कोई आदेश निर्देश से मना किया उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीण चाहे तो वरना हमारे कोई अलग से आदेश निर्देश नहीं है  वहां के तहसीलदार ने भी दूरभाष पर इस तरह के कोई आदेश है जानकारी से स्पष्ट मना किया ।

यह भी उल्लेखनीय है कि टॉक महीनों पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद जनप्रतिनिधियों की अधिकार निर्धारित कर दिए गए हैं इसके बावजूद भी इस तरह के तुगलकी फरमान ग्राम पंचायत में पंचायत द्वारा माइक से अनाउंस प्रचार करा कर क्षेत्र के लोगों को दुविधा में डालना एक चर्चा का विषय है लोगों का कहना है कि सरकारी नियम प्रशासनिक निर्देशों का पालन या पंचायत के तुगलकी फरमान किसे माने साथ ही यह एक बड़ा सवाल है कि ग्राम पंचायत द्वारा अपने पंचायत के लोगों को कोरोना महामारी से बचाने के लिए कोई सैनिटाइजर छिड़काव मासिक वितरण या असहाय असमर्थ की सेवा करने की अपेक्षा इस तरह झूठा प्रचार प्रसार तुगलकी फरमान निंदनीय है

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