प्रिया प्रियतम के माधुर्य का उच्चतम स्वरूप हैं बाँकेबिहारी

प्रिया प्रियतम के माधुर्य का उच्चतम स्वरूप हैं बाँकेबिहारी

वृन्दावन: ठाकुर श्रीबाँकेबिहारीजी महाराज का लीलामृत कलि सन्तप्त जीवों को परम् शांति प्रदान करने वाला है। प्रिया प्रियतम के माधुर्य का उच्चतम मूर्तिमान स्वरुप ही हैं बाँके बिहारी।

उक्त उद्गार पूज्य गोस्वामी श्रीआनन्दवल्लभजी महाराज ने  बाँकेबिहारी लीलामृतम कथा सुनाते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि कोरोना आपदाकाल में ठाकुरजी की कथा के चिंतन से नकारात्मक विचारों  से उत्पन्न दुष्परिणामों से बचा जा सकता है।

इस समय में हमें अधिक से अधिक भगवत चिंतन के द्वारा सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करनी चाहिये।
लॉकडाउन की इस अवधि में आनन्दवल्लभजी के द्वारा बिहारीजी के निर्मल चरित्रों की कथा यूट्यूब और फेसबुक पर प्रतिदिन ऑनलाइन होकर लाइव सुनाई जा रही है। इस कथा का विश्व के अनेक देशों में बिहारीजी के प्रेमी भक्त लाभ उठा रहे हैं।

आगामी 13 मई तक चलने वाली श्रीबांकेबिहारी लीलामृतम कथा प्रतिदिन सायं तीन से पाँच बजे तक सोशल मीडिया पर लाइव चल रही है।

उल्लेखनीय है कि कथा का प्रसारण बगैर किसी भीड़भाड़ के बन्द स्टूडियो से किया जारहा है।

महाराज जी के फेसबुक और यूट्यूब का लिंक दिया जा रहा है इस पर सब्सक्राइब करे
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