कोरोना लॉकडाउन : बेजुबान परिंदों के लिए मसीहा बने मनीष शांडिल्य,जाकर डाल रहे दाना


गुरूग्राम: कोरोना महामारी (COVID-19) के चलते पूरा देश अपने घरों में 'बंद' है। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी दिहाड़ी मजदूर वर्ग के लोगों को उठानी पड़ रही है। वे लोग जो रोज उतना ही खा पाते हैं जितना वे दिन में कमाते हैं।

ऐसे लोगों की मदद के लिए सरकारों के अलावा कई संस्थाएं और निजी लोग आगे आए हैं। ये लोग लॉकडाउन के कारण सबसे अधिक प्रभावित लोगों को जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं। 


हालांकि इंसान तो अपना दुख बोलकर बयां कर देते हैं। उनका क्या जो बोल भी नहीं सकते? लॉकडाउन के कारण कई जानवरों और पक्षियों का खाना भी छिन गया। पहले लोग आमतौर पर बाहर आकर पक्षियों के लिए चुग्गा डाल जाते थे लेकिन लॉकडाउन के कारण अब वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं जिसके कारण पक्षियों का खाना भी छिन गया।
ऐसे ही बेजुबां परिंदों की मदद के लिए आरडीएफ ने अच्छी पहल की है जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। गुरूग्राम में आरडीएफ टीम पक्षियों के चुग्गे वाली जगह कबूतर चौक पर जाकर उन्हें दाना खिला रही है जिसमे चावल, गेंहू, बाजरा, ज्वार डाल रहे है।



फोरम के संरक्षक अधिवक्ता मनीष शांडिल्य ने अजेयभारत को बताया कि जब हमें पता चला कि लॉक डाउन से पहले स्थानीय निवासी यंहा लगभग 800 परिंदों को दाना डाल दिया करते थे लेकिन अब वो यंहा नही आ पा रहे है। स्थानीय निवासी रविन्द्र बाटला और योगेश कुमार ने इस बारे में आरडीएफ के संरक्षक मनीष शांडिल्य को ये बात बताई, जिस पर फोरम के सदस्यों की सहमति के बाद यंहा पर रोजाना 25 किलोग्राम चावल की व्यवस्था करवा दी गयी है।





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