खेत में खुदाई के दौरान शिव परिवार की अति प्राचीन मूर्ति मिलने से लोगों में खुशी की लहर

सराय रसूलपुर गाय घाट के खेत में मिले शिव पार्वती के मूर्ति के पास लोग ,खेत को दिखाते लोग

विवेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट
चहनियां (चन्दौली)/रामगढ़ बाबा कीनाराम ,कलेश्वरनाथ ,बाड़ेश्वर महादेव व बाड़ गंगा नदी के पूरब स्थित रामपुर स्थित गांव के सराय रसूलपुर गाय घाट गांव में प्रकाश यादव के खेत मे शिव पार्वती की मूर्ति ट्रैक्टर से खेत लेवलिंग के दौरान मिलने से क्षेत्र में चर्चा का बिषय बना हुआ है । मूर्ती का दर्शन पूजन करने लोग पहुच रहे है ।रामपुर गांव के सरायरसूलपुर के गाय घाट गांव में प्रकाश यादव के खेत मे खेत को ट्रैक्टर से लेवलीग के दौरान यंत्र से पत्थर टकराने जब लोग खेत को कुछ हद तक खोदे तो मिट्टी से लबरेज पत्थर निकला ।

जब लोगो ने इसे धोया तो  शंकर, पार्वती ,गणेश,कार्तिक ,नन्दी की संयुक्त मूर्ति निकली । जहां से मूर्ती निकली है वहाँ से एक किलोमीटर दूर पश्चिम में गांव में ही प्रसिद्ध बाड़ेश्वर महादेव का मंदिर,उत्तर में बैराठ में डेढ़ किलोमीटर पर कालेश्वर का मंदिर ,दो किलोमीटर पर रामगढ़ में बाबा कीनाराम का मंदिर व पास स्थित बाड़ गंगा नदी के पास मूर्ती मिलने कौतूहल का बिषय बना हुआ है । यह मूर्ति किस सदी का पता नही चल पाया है । खेत स्वामी प्रकाश यादव ने बताया कि अभी इस मूर्ति की जांच करवानी है कि यह किस सदी की है ।

हालांकि इसे जांच के लिए घर में रखकर पूजन अर्चन किया जा रहा है । सराय रसूलपुर ( रामपुर ) गांव में महादेव के परिवार की मूर्ति मिलने पर ग्रामीणों ने इसे चमत्कार माना । गांव के खेत मालिक प्रकाश यादव का कहना है कि जहाँ ये मूर्ती मिली है वहाँ आसपास और गहरे में खुदाई करवाऊंगा । हो सकता है कुछ और मिले । गांव के जगदीश प्रसाद का कहना है कि उत्तर और पश्चिम में महादेव की विशाल मंदिर है । इस तरह का मूर्ति खेत मे मिलना आश्चर्य है । यह बाड़ेश्वर महादेव की कृपा भी हो सकती है । रामाश्रय कुशवाहा का कहना है कि यह ईश्वर की कृपा है । जो इस तरह की दुर्लभ मूर्ती मिली है । वही रबिंद्र यादव का कहना है कि मूर्ती की स्थापना वही होना चाहिए जहाँ से मूर्ती निकली है । इसके लिए गांव के मीटिंग कर फैसला लिया जायेगा ।

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