1 हजार करोड़ रुपए से जयादा का घोटाला मेदांता के द्वारा, और भी है जिनकी जांच होनी चाहिए :मोहित खटाना


चिकित्सकीय व्यापारी अंग्रेजी डॉक्टर नरेश त्रेहान सहित 52 साझेदार व्यापारियों के खिलाफ गुरुग्राम कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज ।

सबूतों के साथ कच्छा चिठ्ठा

वर्ष 2004 में नरेश त्रेहान सहित इनके साझेदारों का HUDA Act 1977 के अनुसार अलॉटमेंट में करार हुआ था ।

1- मेदांता की कुल 43 एकड़ जमीन है जिसकी उस वक्त कीमत 400 करोड़ से अधिक थी और त्रेहान को दान स्वरूप दी गई थी ।

2-  25 एकड़ जमीन पर हॉस्पिटल व मैडिकल कॉलेज खुलने थे जबकि सिर्फ हॉस्पिटल खोलकर व्यापार शुरू कर दिया गया मेडिकल कॉलेज आज तक नहीं खोला गया ।

3-  6 एकड़ जमीन में मरीजों के संबंधियों के रुकने के लिए गेस्ट हाउस बनाया जाना तय हुआ था जोकि आज तक नहीं बनाया गया ।

4-  7 एकड़ जमीन में रिसर्च सेंटर के नर्सिंग स्टाफ के लिए क्वार्टर बनाने थे जोकि आज तक नहीं बनाए गए ।

5-  5 एकड़ जमीन अतिरिक्त सहयोग हेतु दी गई थी ।

6- Allotment की शर्तो के अनुसार यदि मेदांता, फोर्टिस, आर्टिमिस हॉस्पिटल स्वीकृत प्लान के अनुसार निर्माण नहीं करते है तो यह आवंटित भूमि निर्मित ढांचे के साथ Huda विभाग को वापिस करने का प्रावधान है जोकि 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं की गई है ।

7-  भूमि आवंटन की शर्तो को पूरा ना करने के काफी समय के बावजूद भी सरकारी अधिकारियों ने इन हॉस्पिटलों के खिलाफ आजतक तक कोई भी विभागीय कार्रवाई नहीं की है ।

8-  इन हॉस्पिटलों के द्वारा सरकारी अधिकारियों/रिस्तेदारो का मुफ्त इलाज करना ही इन पर कोई विभागीय कार्रवाई ना करने का कारण तो नहीं ?

9- साथियों अगर Allotment कि शर्तो पर प्रकाश डाला जाए तो ढेर सारे ऐसे वायदे किए गए थे जो एक दशक बीत जाने के बाद भी नजरअंदाज किए गए है ।

10-  पूरे हरियाणा के BPL , EWS , Haryana Govt.4th Class Employee व हरियाणा के गरीब व्यक्तियों के लिए Medanta , Artemis , Fortis हॉस्पिटलों में कुल बेड का 10 % मुफ्त आरक्षित है ।

11-  गरीबों के लिए आरक्षित बेड को मेदांता, फोर्टिस, आर्टिमिस हॉस्पिटल अन्य लोगो को बेचकर करोड़ों अरबों रुपए कमा चुके है । एक ईमानदार सरकार को इन हॉस्पिटलों से नियमो का उल्लघंन करके की गई अनुचित कमाई को ब्याज के साथ वापस लेने के साथ-साथ भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए ।

12-  पूरे हरियाणा के BPL , EWS , Haryana Govt. 4th Class Employee व हरियाणा के गरीब व्यक्तियों को मेदांता, फोर्टिस, आर्टिमिस हॉस्पिटलों के द्वारा हॉस्पिटल के कुल बेड के 20 % मरीजों से उनके सामान्य चार्ज में से 70 % डिस्काउंट देना था जबकि ऐसा नहीं किया जा रहा है ।

13-  पूरे हरियाणा के BPL , EWS , Haryana Govt. 4th Class Employee व हरियाणा के गरीब व्यक्तियों के लिए मेदांता, फोर्टिस, आर्टिमिस हॉस्पिटलों के द्वारा 20 % OPD मुफ्त रखनी थी जबकि जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही बयान करती है ।

14-  इमरजेंसी की स्थति में इलाज हेतु BPL , EWS व Haryana Govt. 4th Class Employee को CMO , CM , HM , DC , Red Cross से परमिशन पत्र की जरूरत नहीं है ।

15-  गरीबों के अधिकारो की जानकारी हेतु पूरे हरियाणा में CMO , CM , HM , DC , Red Cross Offices में बोर्ड लगाने थे जोकि आज तक नहीं लगाए है । हमारी टीम के प्रयासों के द्वारा मात्र गुरुग्राम में CMO के ऑफिस में बोर्ड लगाए गए है ।

16-  मेदांता हॉस्पिटल को 43 एकड़ जमीन के लिए लगभग 400 करोड़ की छूट दी गई थी यानी कि 2004 में Allotment करते वक़्त गुरुग्राम सेक्टर 38 में जमीन का जो मूल्य था उसकी छूट राशि 400 करोड़ बनती है ।

17-  आर्टिमिस हॉस्पिटल को 8.30 एकड़ के लिए लगभग 30 करोड़ की छूट दी गई थी यानी कि 2006 में Allotment करते वक़्त गुरुग्राम सेक्टर 51 में जमीन का जो मूल्य था उसकी छूट राशि 30 करोड़ बनती है ।

18-  फोर्टिस हॉस्पिटल को 11.5 एकड़ के लिए लगभग 35 करोड़ की छूट दी गई थी यानी कि 2004 में Allotment करते वक़्त गुरुग्राम सेक्टर 44 में जमीन का जो मूल्य था उसकी छूट राशि 35 करोड़ बनती है ।

19-  मेदांता हॉस्पिटल में वर्ष 2014 से अक्टूबर 2019 तक गुरुग्राम के Cmo के द्वारा मात्र 84 गरीब लोगो को इलाज हेतु भेजा गया है । जो इलाज हेतु गए है वो दर्द बयान करते हुए रोने लगते है और हॉस्पिटलों के बाउंसरों व स्टाफ को लेकर अभद्रता की शिकायत करते है ।

20-  आर्टिमिस हॉस्पिटल में वर्ष 2014 से अक्टूबर 2019 तक गुरुग्राम के Cmo के द्वारा मात्र 141 गरीब लोगो को इलाज हेतु भेजा गया है । जो इलाज हेतु गए है वो दर्द बयान करते हुए रोने लगते है और हॉस्पिटलों के बाउंसरों व स्टाफ को लेकर अभद्रता की शिकायत करते है ।

21-  फोर्टिस हॉस्पिटल में वर्ष 2014 से अक्टूबर 2019 तक गुरुग्राम के Cmo के द्वारा मात्र 65 गरीब लोगो को इलाज हेतु भेजा गया है । जो इलाज हेतु गए है वो दर्द बयान करते हुए रोने लगते है और हॉस्पिटलों के बाउंसरों व स्टाफ को लेकर अभद्रता की शिकायत करते है ।

22-  मेदांता, फोर्टिस, आर्टिमिस हॉस्पिटलों में CM , HM , HUDA Chief , DC , Red Cross Chief गरीब लोगो को इलाज हेतु भेजने के लिए शक्ति प्रदान की गई है ।

23-  स्वार्थी गेर जिम्मेवार सरकारी अधिकारियों ने गरीबों को अधिकारो के बारे में जागरूक करने के लिए आज तक कदम ही नहीं उठाए हैं इसीलिए गरीब लोग अपने अधिकारो से वंचित है । इनमें से कई विभागों के द्वारा गरीब लोगो को इलाज हेतु भेजा ही नहीं जाता और कुछ RTI का जवाब ही नहीं देते ।

24-  मेदांता हॉस्पिटल में वर्ष 2011 से वर्ष 2019 तक 13419 लोगो की मौत हो चुकी है कहीं ये डॉक्टरों को टारगेट देकर काम कराने का दुष्परिणाम तो नहीं इसकी आज तक कोई जांच नहीं हुई ना जाने कितने लोग इनकी लापरवाहियों की भेंट चढ़ चुके होंगे ।

25-  आर्टिमिस हॉस्पिटल में वर्ष 2011 से वर्ष 2019 तक 6080 लोगो की मौत हो चुकी है कहीं ये डॉक्टरों को टारगेट देकर काम कराने का दुष्परिणाम तो नहीं इसकी आज तक कोई जांच नहीं हुई ना जाने कितने लोग इनकी लापरवाहियों की भेंट चढ़ चुके होंगे ।

26-  फोर्टिस हॉस्पिटल में वर्ष 2011 से वर्ष 2019 तक 2322 लोगो की मौत हो चुकी है कहीं ये डॉक्टरों को टारगेट देकर काम कराने का दुष्परिणाम तो नहीं इसकी आज तक कोई जांच नहीं हुई ना जाने कितने लोग इनकी लापरवाहियों की भेंट चढ़ चुके होंगे ।

27-  गुरुग्राम CMO ऑफिस में इन हॉस्पिटलों के डॉक्टरों की लापरवाहियों से हुई मौत को लेकर प्राप्त शिकायतों का ढेर लगा पड़ा है निष्पक्ष जांच तक नहीं होती उल्टा इन प्राइवेट हॉस्पिटलों के डॉक्टर जांच कमेटी में जगह बनाएं बैठे है जोकि पीड़ितो के साथ अन्याय है ।

28-  मेदांता, फोर्टिस, आर्टिमिस हॉस्पिटलों को लेकर एक निगरानी कमेटी गठित की गई थी जो इन तीनों हॉस्पिटलों पर Allotment की शर्तो का पालन करवाने हेतु बाध्य है वो अपना कार्य नहीं कर रही है जिसका चेयरपर्सन  ( Huda Chief ) नियुक्त किया गया था व इस निगरानी कमेटी के अन्य मेंबर District Red Cross Society Chief , Civil Surgeon , Estate Officer ( Huda ) है।

29-  उपरोक्त कमेटी को नियम अनुसार 3 महीने में एक बार इन हॉस्पिटलों में जाकर गरीबों के इलाज के बारे में जांच पड़ताल करनी अनिवार्य है जोकि कमेटी के कई अधिकारी जांच के लिए उपलब्ध नहीं होने के कारण निरंतर जांच नहीं हो रही है Cmo से आरटीआई में मिले जवाब के अनुसार अधिकांश समय ये हॉस्पिटल उक्त जांच में सहयोग नहीं करते है ।

30-  आज से तीन वर्ष पहले हमने आयकर विभाग से नरेश त्रेहान व मेदांता हॉस्पिटल को दी जाने वाली विभिन्न रियायतों की जानकारी आरटीआई से मांगी गई थी जोकि इन व्यापारियों के दबाव के कारण हमें कागजात प्रदान नहीं किए गए ।

31-  मेदांता, फोर्टिस, आर्टिमिस हॉस्पिटल रियायती दरों पर जमीन प्राप्त करने के बाद भी जनता से पार्किंग शुल्क वसूल रहे है जोकि जनता के साथ अन्याय है ।

32-  मेदांता हॉस्पिटल के खिलाफ कोर्ट के द्वारा FIR दर्ज कराने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट रमन शर्मा जी का धन्यवाद । फोर्टिस और आर्टिमिस हॉस्पिटल पर भी जनहित कार्यवाही होनी चाहिए ।

33-  PM , CM , HM और विभिन्न सरकारी विभागों को हमारे द्वारा इन हॉस्पिटलों के खिलाफ बार-बार शिकायत देने के बाद भी आजतक इन पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है । वर्ष 2016 में हमारी टीम के द्वारा एक कैंडल मार्च निकाला गया था जिसमें सैकड़ों लोग एकत्रित करके इन तीनों हॉस्पिटलों के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु सरकार को पत्राचार भी किया गया था ।

व्हाट्सप्प पर अधिवक्ता मोहित खटाना जो की आरटीआई एक्टिविस्ट भी है के द्वारा अजेयभारत को दी गयी जानकारी के अनुसार 

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