हर शख्स को सरकार ड्राइविंग लाइसेंस नहीं देती है !


नई दिल्ली, 30 जून। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के कई नियम हैं। जिनका पालन करने के बाद ही लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस मिलता है। हर शख्स को सरकार ड्राइविंग लाइसेंस नहीं देती है। भारतीय नागरिकों के कुछ वर्गों को अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस के अधिकार से वंचित रखा गया था, जिसमें कलर ब्लाइंड लोग भी शामिल हैं। जिसे सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए बदल दिया है।
परिवहन मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा नोटिफिकेशन के मुताबिक अब माइल्ड टू मीडियम कलर ब्लाइंड लोगों को भी ड्राइविंग लाइसेंस मिल सकेगा। यानी की मामूली से मध्यम कलर ब्लाइंड लोग भी अब ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर सकेंगे।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन कानून में इसके लिए आवश्यक संशोधन कर गजट अधिसूचना जारी कर दी है। हालांकि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को यह बताना होगा कि वह माइल्ड या मीडियम कलर ब्लाइंड है, न कि सीरियस कलर ब्लाइंड।
मंत्रालय का कहना है कि काफी समय से इस बात की मांग उठ रही थी। जिसके बाद कलर ब्लाइंड लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के फॉर्म-1 और 1ए में बदलाव किया गया है।
क्या होता है कलर ब्लाइंडनेस:
कलर ब्लाइंडनेस का मतलब है कि ऐसे लोगों को अलग-अलग रंगों की पहचान में कुछ दिक्कत आती है। सामान्य लोगों के मुकाबले रंगों में अंतर करने की उनकी क्षमता कम हो जाती है। हालांकि उन्हें देखने में ऐसी कोई खास परेशानी नहीं होती है। हालांकि सामान्य लोगों के मुकाबले कुछ अंतर होता है।

Post a Comment

0 Comments