अब चीन को हर मोर्चे पर सबक सिखाना जरूरी: नवीन गोयल


-भारत में आत्मनिर्भर बनने की है क्षमता
-विश्व की 750 जनसंख्या में भारत की 130 करोड़ जनसंख्या
-चीन को हर तरह से मात देकर निकालना है अहंकार

गुरुग्राम। अब बहुत हो चुका। चीन को जितना कुछ करना था कर चुका। अब बारी भारत की है। अपनी सैन्य क्षमता के साथ अब देश के भीतर देश की जनता भी चीन को सबक सिखाने को तैयार है। अब हमें आत्मनिर्भर बनकर आगे बढऩा है। यह कहना है भारतीय जनता पार्टी के जिला सचिव नवीन गोयल का।

उन्होंने कहा कि चीन को जब-जब भारत ने सम्मान दिया है, चीन ने गद्दारी की है। दोगलापन दिखाया है। भारत हमेशा अपनी संस्कृति, संस्कारों पर चलते हुए हर मसले का हल बातचीत से निकालने का प्रयास करता रहा, लेकिन चीन ने गलवान घाटी जैसी घटनाओं से भारत की शराफत का फायदा उठाया। एक तरफ वह दोस्ती का हाथ बढ़ाता है और दूसरी तरफ गलवान घाटी जैसी कायराना हरकतें करता है। अब समय आ गया है जब दुनिया की 750 करोड़ आबादी में भारत की 130 करोड़ आबादी चीन को सबक सिखाए। नवीन गोयल ने कहा कि चीन को 1962 का युद्ध नहीं भूलना चाहिए। उसे लगा था भारत के साथ कोई खड़ा नहीं होगा, लेकिन अमेरिका जैसे सुपर पावर देश भारत के साथ थे। युद्ध में 7 विमानों से अमेरिका ने कोलकाता में हथियार भेजे थे। यह सब इतिहास के पन्नों में दर्ज है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकल को वोकल बनाने की बात कही है, उसे अब करके दिखाना है। भारत में हम सब कुछ बना सकते हैं। वस्त्रों के रूप में हमारी खादी का कोई जवाब नहीं है। हर मौसम के अनुकूल खादी को आज देश में बड़े पैमाने पर उपयोग भी किया जा रहा है। देश का खादी उद्योग  फल-फूल रहा है। जब हमने इसका उपयोग पूरी तरह से करना शुरू कर दिया तो दुनिया में बहुत कुछ बदल सकते हैं। इसलिए अब भारतवासियों को जागना होगा। भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। चीन के हर सामान का बहिष्कार करके हम लोकल को आगे बढ़ा सकते हैं। हमें किसी पर आश्रित नहीं रहना है।

 अगर किसी पड़ोसी से मनमुटाव हो जाए तो भी हम उससे बात नहीं करते। अब चीन तो हमारे देश का दुश्मन है। उसकी चीजों का उपयोग करके हम दुश्मन देश को आगे नहीं बढ़ा सकते। यह भी नहीं भूलना चाहिए कि पूरी दुनिया को कोरोना जैसी महामारी बांटकर अब चीन भारत की जमीन को हथियाने का प्रयास कर रहा है। मतलब उसे कोई चिंता ही नहीं है कि महामारी के दौर में जब दुनिया उलझी है तो वह उस पर कुछ करे। लेकिन नहीं, उसकी मंशा साफ है कि ऐसे मौके का फायदा उठाया जाए। नवीन गोयल ने कहा कि भारत की सेना कमजोर नहीं है जो चीन अपने कदम भारत की ओर बढ़ा सके। दिल्ली में चीन के नागरिकों को होटलों में प्रवेश प्रतिबंधित करने का निर्णय भी सही लिया गया है।

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