गुरु कृपा की दृष्टि से ही भगवदसाक्षात्कार सम्भव


गुरु कृपा की दृष्टि से ही भगवदसाक्षात्कार सम्भव

वृन्दावन। सद्गुरुदेव की कृपा के बिना भगवान की कृपा होना असम्भव है। गुरुदेव ही वो दृष्टि प्रदान करते हैं जिसके द्वारा भगवदसाक्षात्कार सम्भव हो सकता है। उक्त उद्गार गुरुपूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत श्रीमदविष्णुस्वामिहरिदासीय सम्प्रदयाचार्य गोस्वामी आनन्दवल्लभ महाराज ने व्यक्त करते हुए कहा कि गुरुदेव भगवान एक शिल्पी के समान शिष्य को अपनी साधना से तराशकर भगवद्भक्त के रूप में परवर्तित कर देते हैं। बिना गुरु के जीव का कल्याण होना असम्भव है।

स्थानीय गोधुलीपुरम स्थित श्रीहरिदास धाम में गुरु पूर्णिमा उत्सव के अंतर्गत विधि विधान एवं वैदिक मन्त्रों के साथ हरिदासीय सम्प्रदाय के मूल आचार्य सखी सम्प्रदाय प्रवर्तकाचार्य सारस्वत कुल कमल दिवाकर रसिक शेखर श्रीस्वामीहरिदास जी महाराज का प्रथम पूजन किया गया। इसके पश्चात पूज्य गोस्वामी आनन्दवल्लभजी महाराज के शिष्यों ने देश विदेश के विभिन्न  स्थानों से ने ऑनलाइन गुरु पूजा में भाग लिया।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों गोस्वामीजी के द्वारा कोरोना महामारी में कालकवलित मृतात्माओं की शांति के लिये विश्व कल्याणकी भावना से श्रीमद्भागवत का दिव्य अनुष्ठान एवं ऑनलाइन कथा का आयोजन किया जा रहा है।




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