एडवोकेट हर्ष शर्मा ने बागपत जनपद के घटते भूजलस्तर की शिकायत मुख्यमंत्री से की

उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन जनपद बागपत में तालाबों की स्थिति काफी दयनीय है। यहाँ अब से कुछ वर्ष पहले के मुकाबले मुश्किल से कुछ ही तालाब बचें है जिनपर कुछ पर अवैध कब्जे हो चुके हैं जिनसे प्रदेश सरकार के आदेशों के बावजूद अवैध कब्जे नही हटाए गए बल्कि महज लीपापोती कर दी गई है । कुछ गन्दगी से अटे पड़े हैं। यहाँ प्रत्येक वर्ष 3 फीट भूजलस्तर गिर रहा है । एक अधिवक्ता बन्धु ने यहाँ के तालाबों की सूची सूचना के अधिकार 2005(RTI) के माध्यम से मांगी थी जिसको जिलाधिकारी व अपर जिलाधिकारी महोदय उपलब्ध नही करा पाए थे। लगभग 238 गाँव जनपद बागपत में होने के बावजूद इसके आधे भी तालाब नही है व आधे तालाबो की स्थिति मरणासन्न अवस्था में है । बागपत की धरती में सालाना 49348 हेक्टेयर मीटर जल आता है जिसमे से जनपदवासी 49000 निकाल लेते हैं आज अतिदोहन से भूजल स्तर 41सेमी तक गिरावट दर्ज की जा चुकी है । दो दशक में कम गहराई में लगे 90 हजार हैंडपंप व 20 हजार नलकूपों के बोरिंग फेल हो चुके हैं।

आज की मिट्टी में आद्रता नही रही,सूखी और बेजान मिट्टी से खेती पर भी असर देखने को मिल रहा है । यदि यही हालत रहे तो फिर आने वाले समय मे न तो जनपद में पेड़ पौधे पनप पाएंगे न ही खेती हो पाएगी एवं न ही पीने लायक पानी बचेगा । अतएव आपसे नम्र निवेदन है कि इस सम्बन्ध में जल्द से जल्द उचित संज्ञान लेते हुए तालाबो से अवैध कब्जे हटवाने की कृपा करें । आपकी अति कृपा होगी।
पूर्व में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी किन्तु शिकायत को मात्र एक तहसील स्तर पर भेजकर निस्तारित कर दिया गया था।


 

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