श्रीराम के मन्दिर के शिलान्यास से पूर्व वृन्दावन की धरा पर निर्विघ्न मन्दिर निर्माण सम्पन्न होने के संकल्प के साथ भोलेनाथ के ११०८ पार्थिव शिवलिंग स्थापित कर वैदिक विधि विधान के साथ महारुद्राभिषेक किया गया

 




 
वृन्दावन। मर्यादापुरूषोत्तम भगवान श्रीराम के नव मन्दिर के शिलान्यास से पूर्व श्रीधाम वृन्दावन की पावन धरा पर निर्विघ्न मन्दिर निर्माण सम्पन्न होने के संकल्प के साथ श्रावण के अंतिम सोमवार को भगवान भोलेनाथ के ११०८ पार्थिव शिवलिंग स्थापित कर वैदिक विधि विधान के साथ पार्थिव पूजा, महारुद्राभिषेक एवं विल्बपत्र से सहस्त्रार्चन किया गया।

विश्व वैष्णव सेवा संघ के तत्वावधान में आयोजित मंगलमय अनुष्ठान के आयोजक आचार्य आनन्दवल्लभ गोस्वामी ने कहा कि भगवान शंकर श्रीराम के अनन्य उपासक एवं आदि वैष्णव गुरु हैं। लंका विजय के पूर्व भगवान राघवेंद्र सरकार ने रामेश्वरम के रूप में भोलेनाथ की स्थापना करके शिवार्चन किया था। आज निर्विघ्न मन्दिर निर्माण के संकल्प से पार्थिव शिव उपासना की गई है।

ब्राह्मण सेवा संघ के संस्थापक प. चन्द्रलाल शर्मा ने कहा कि ब्रज की श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में अग्रणीय भूमिका रही है, आज समस्त ब्रजवासी मन्दिर निर्माण शिलान्यास से अति प्रसन्न एवं गौरवान्वित अनुभव कर रहे हैं।

प. श्रीसत्यभान शर्मा एवं विमल चैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि भगवान भोलेनाथ नाथ हर विघ्नबाधा के विनाशक हैं। आज सम्पूर्ण विश्व मन्दिर शिलान्यास के अवसर पर अति प्रफुल्लित एवं आनन्दित है।

आरती, पुष्पांजलि एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का विश्राम हुआ।
 
विशेष रूप से नागेंद्र दत्त गौड़, प. सतीश चन्द्र पारासर, प. संतराम त्रिपाठी, उदित नारायण द्विवेदी, रमाकांत शुक्ला, दयानारायण दीक्षित, अंजनी मिश्रा, नीलेश सोनी, विजय शर्मा, अविनाश शर्मा, नीरज गौड़, तपेश पाठक आदि उपस्थित थे।
 

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