ब्राह्मण सेवा संघ के तत्वावधान में केशीघाट पर हुआ सामूहिक सर्वपितृ तर्पण का आयोजन

 पूर्वजों के प्रति श्रद्धा निवेदन का पर्व है पितृअमावस्या

ब्राह्मण सेवा संघ के तत्वावधान में केशीघाट पर हुआ सामूहिक सर्वपितृ तर्पण का आयोजन।


वृन्दावन।


ब्राह्मण सेवा संघ के तत्वावधान में वृन्दावन के केशीघाट स्थित यमुनातट पर विप्रों ने सामूहिक रूप से सर्वपितृ तर्पण किया।
इस अवसर पर ब्राह्मण सेवा संघ के संस्थापक प. श्रीचंद्रलालशर्मा ने कहा कि अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा निवेदन करने के लिये पितृ अमावस्या को सर्व पितृ तर्पण किया जाता है। हमें चाहिये कि सनातन धर्म की इस वैदिक परम्परा को अक्षुण्य रखें।

सेवा संघ के अध्यक्ष आचार्य आनन्दवल्लभ गोस्वामी ने कहा कि सनातन वैदिक धर्म विशुद्ध वैज्ञानिक है। इसके अनुसार देवऋण, ऋषिऋण एवं पितृऋण से कभी उऋण नहीं हुआ जा सकता। श्राद्धपक्ष में श्राध्द एवं तर्पण के द्वारा देव, ऋषि तथा पूर्वजों की कृपा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की जाती है।

श्रीराम मुद्गल शास्त्री, शुकचार्य पीठाधीश रमेश चंद्राचार्य ने भी विचार व्यक्त किये

इससे पूर्व ब्राह्मण सेवा संघ के सदस्यों ने विद्वान कर्मकांडी ब्राह्मणों के आचार्यत्व में वैदिक विधि विधान के साथ संकल्प पूर्वक सामूहिक रूप से सर्व पितृ तर्पण किया।

श्रीराम नारायण वृजवासी, श्रीहरिकौशल, सतीशचन्द्र पाराशर, राजेश किशोर गोस्वामी, विमल चैतन्य ब्रह्मचारी, सन्तोष कृष्ण त्रिपाठी, प्रियाशरण भक्तमाली, जगदीश शास्त्री, विष्णु सिद्ध, शिवांश भाई मिश्र, राजेन्द्र शुक्ला, मुकेश मोहन शास्त्री, ऋषि कुमार, सन्तोष चतुर्वेदी, गौरव शर्मा, तपेश पाठक, ब्रजेश शर्मा, नीरज गौड़ आदि उपस्थित थे।


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