समाज सेवा को कर्म नही अपना धर्म मानते है सूरज नागरथ जी




दोस्तों समाज सेवा करने का मन सभी का करता है लेकिन समाज सेवा को अपना धर्म बना लेना किसी विरले के नसीब में होता है।मैन अपने जीवन मे काफी समाज सेवक देखे लेकिन आज मैं आप सभी को एक ऐसे व्यक्ति से मिलवाता हुँ जो समाज सेवा मैं एक बड़ा नाम होता था।ओर उनसे उस समय के नेता ओर अधिकारी खार खाते थे ओर उनसे भय मानते थे।क्योंकि ये समाज सेवक किसी व्यक्ति विशेष से नही सिस्टम से लड़ा ओर सरकार के सिस्टम को ठीक करने मैं लगा रहा।

सूरज नागरथ जी मकान नम्बर 840 सेक्टर 5 मैं रहते हैं।ओर ये हमारे जेसे उभरते हुए समाज सेवक के लिए इनके काम करने के तरीक़े को देखकर प्रभावित होना लाज़मी है।



हम भी समाज सेवा करते हैं लोग हमारे दुशमन बन गये ओर लोग समझते हैं की मैं भी दुशमन समझता हुँ।मुझे भी लगता है कहीं न कहीं मेरे काम करने का कोई ऐसा तरीक़ा होगा जो मुझे समझ नही आ रहा है।



मैं सूरज नागरथ जी , के काम करने के तरीक़े से प्रभावित हुँ जोकि इस उम्र मैं भी उनकी सेवा मैं कमी नही आइ ओर वो अधिकारियों को ईमेल करके जागते रहते हैं ओर अपने लक्ष्य को भेदते रहते हैं।ओर उन्हें किसी से कोई मतलब नही अपनी सच्ची सेवा मैं लीन रहते हैं।ओर वो हमारे सेक्टर के एक वरिष्ठ नागरिक भी है। वो उदाहरण देने मैं भरोसा नही रखते ओर ग्राउंड पर काम करते हैं।ओर उन्होंने नगर निगम आयुक्त को ईमेल करके हमारे सेक्टर मैं JCB चलवाई वो बधाई के पात्र हैं हम सभी की तरफ़ से।



मुझे सूरज नागरथ जी की कार्यशेली बहुत अच्छी लगी मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत है।ओर कल उन्होंने श्री मोहित ग्रोवर को भी फूल के बुके देकर सेक्टर मैं आने पर स्वागत किया।



सूरज नागरथ जी 6 महीने अमेरिका रहते हैं ओर 6 महीने इण्डिया यानी हमारे सेक्टर 5 मैं।ओर उन्होंने जेसे गुड़गाँव मैं काम किया है।अमेरिका मैं भी समाज सेवा जारी रखी।

:- आरडब्ल्यूए के पूर्व अध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ जी से अजेयभारत की बातचीत के आधार पर

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