ग्राम पंचायतों के कार्यो में सरपंच के प्रतिनिधि का दखल मंजूर नही होगा- सीईओ जाट

ग्राम पंचायतों के कार्यो में सरपंच के प्रतिनिधि का दखल मंजूर नही होगा- सीईओ जाट ।

झुंझुनूं ( रमेश रामावत ) लोकतंत्र की विकेन्द्रित व्यवस्था में ग्राम पंचायत देश की संवैधानिक व्यवस्था की सबसे नीचे की एवं ग्राम स्तर की सबसे मजबूत कड़ी है, जिसके द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में बैठे प्रत्येक व्यक्ति की समस्या के निराकरण का प्रयास करना होता है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनिवास जाट द्वारा यह बात शुक्रवार को बुहाना, सिंघाना तथा खेतड़ी पंचायत समितियों के सभागार में नव निर्वाचित सरपंचों के प्रशिक्षण के दौरान कही उन्होंने कहा की कि ग्राम पंचायत गांव के आम आदमी को सरकार से जोड़ने की एक मजबूत कड़ी है तथा पंचायत के मुखिया होने के नाते सरपंच को गांव के मजिस्ट्रेट तथा जज का काम करना चाहिये। प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों की वार्षिक तथा पंचवर्षीय योजनाओं की क्रियान्वयन, ग्राम पंचायत की सामुदायिक सम्पतियों का प्रबंध, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सुधार, तथा अनेक नवाचारों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण बेठक के दौरान नव निर्वाचित सरपंचों द्वारा उठाये गये मुद्दों तथा पंचायतों के दैनिक कार्यकलापों में आ रही समस्याओं का निराकरण किया गया। बैठकों में पंचायत समितियों के विकास अधिकारी सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण शुरू होने से पूर्व अधिकतर महिला सरपंचों के परिजनों ने हाल में अधिकतर सीटें रोक रखी थी, परन्तु मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सभी को बाहर कर भविष्य में सरपंच के कार्यो में दखल न करने के लिये पाबन्द किया।

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