शोधार्थियों को नैतिक शोध के लिए प्रशिक्षित करेगा हकेंवि- प्रो. आर.सी. कुहाड़

 शोधार्थियों को नैतिक शोध के लिए प्रशिक्षित करेगा हकेंवि- प्रो. आर.सी. कुहाड़

-केंद्रीय पुस्तकालय में दो क्रेडिट अनिवार्य पाठ्यक्रमों की हुई शुरूआत

महेंद्रगढ़, प्रमोद बेवल 



हरियाणा के केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि), महेंद्रगढ़ के केंद्रीय पुस्तकालय ने “रिसर्च एंड पब्लिकेशन एथिक्स“ पर विश्ववद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अनुमोदित दो-क्रेडिट अनिवार्य पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक आरम्भ किया है। ये पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2020-21 में विभिन्न विभागों में पंजीकृत 250 से अधिक एम.फिल. व पीएच.डी. के शोधार्थियों को उपलब्ध कराये जा रहा हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ का कहना है कि विश्वविद्यालय अनुसंधान के स्तर पर उच्च मानक निर्धारित करते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए प्रतिबद्ध है। इस लक्ष्य की पूर्ति हेतु विश्वविद्यालय शोधार्थियों को शोध व प्रकाशन के लिए आवश्यक मानकों से अवगत कराने के लिए यह विशेष प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन पाठ्यक्रमों की मदद से शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शोध व प्रकाशन कार्यों के तकनीकी पक्षों को जानने में मदद मिलेगी। 
प्रो. कुहाड़ ने कहा कि केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा विभिन्न विभागों को यह पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने का प्रयास उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से संसाधनों व शोधकर्ताओं के बहुमूल्य समय की बचत को सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही हमारे शोधार्थी इस प्रयास के माध्यम से केंद्रीय पुस्तकालय मे उपलब्ध प्रिंट व ई-संसाधनों का भी भरपूर उपयोग कर पायेंगे। कुलपति ने इस प्रयास के लिए केंद्रीय पुस्तकालय की टीम को बधाई दी और इस प्रशिक्षण कार्य में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के अतिरिक्त देश भर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के डोमेन विशेषज्ञों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया। हकेंवि में यह पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. संतोष सी.एच. के समन्वयन में और सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार व नरेश कुमार के सह-समन्वयन में उपलब्ध कराएं जा रहे हैं। पाठ्यक्रम से संबंधित जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

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