आदिबद्री पर्वत पर हो रहे खनन के बिरुद्ध महापंचायत,बृजवासी आर पार की लड़ाई के मूड में

 आदिबद्री पर्वत पर हो रहे खनन के बिरुद्ध महापंचायत ।

16 जनवरी से प्रारम्भ को रहे आन्दोलन कि रुपरेखा पर चर्चा ।

बृजवासी आर पार की लड़ाई के मूड में ।



16 जनवरी तक  ब्रज क्षेत्र के धार्मिक महत्व व एतिहासिक के आदिबद्री व कंकाचल पर्वत हो रहे खनन कार्य को बंद नहीं किया गया तो  ग्रामवासियों, साधू संतो कृष्ण भक्तों द्वारा विशाल  एवं निर्णायक जन आन्दोलन किया जावेगा।

अजय विद्यार्थी 

डीग>< .डीग के ग्राम पसोपा में रविवार को आदिबद्री क्षेत्र में रहे विनाशकारी खनन के विरोध में आदिबद्री के महंत शिवराम दास की अध्यक्षता में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया ।

 जिसमें सरकार व प्रशासन को चेतावनी दी गई कि अगर 16 जनवरी तक  ब्रज क्षेत्र के धार्मिक महत्व व एतिहासिक व दिव्य पर्वतों पर जनभावना, स्थानीय लोगों के जन जीवन व पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आदिबद्री व कंकाचल पर्वत हो रहे खनन कार्य को बंद नहीं किया गया तो विवश हो कर स्थानीय ग्रामवासियों, साधू संतों व देश देश भर कर कृष्ण भक्तों को एक विशाल  एवं निर्णायक जन आन्दोलन किया जावेगा ।

 पसोपा में आयोजित महापंचायत में आदिबद्री पर्बत के अंतर्गत पड़ने वाले 5 गावों के ग्रामवासियों ने भाग लिया |



 उक्त महापंचायत ब्रज के धार्मिक पर्वत आदिबद्री व कंकाचल में हो रहे विनाशकारी खनन को अविलंब बंद करने ले लिए आयोजित कि गयी । पंचायत में 16 जनवरी से प्रारम्भ होने वाले आन्दोलन के रुपरेखा पर चर्चा की गयी एवं पसोपा पंचायत के जुड़े सभी गावों में  जनसंपर्क भी किया गया |  

महापंचायत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने बताया कि जिला प्रशासन व राज्य सरकार को कई बार प्रार्थना करने पर भी  ब्रज के परम धार्मिक पर्वत आदिबद्री व कन्कांचल पर हो रहे खनन को अभी तक नहीं रोका गया है, I

 अपितु जन भावनाओं की अनदेखी कर खननकर्ताओं को सहयोग करते हुए वृहद् स्तर पर अनियंत्रित खनन कार्य व वन भूमि पर असवैधानिक तरीके से अतिक्रमण को अंजाम दिया जा रहा है |

 मानमंदिर के अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने कहा कि अनेकों बार प्रशासन व राज्य सरकार को उक्त पर्वतों पर हो रहे खनन की भीषण खनन  एवं उससे  ब्रज के पर्यावरण एवं  भौगोलिक स्वरुप पर हो रही अपरिवर्तनीय क्षति, एवं करोड़ों की संख्या में कृष्णभक्तों की भावनाओं के साथ हो रहे कुठाराघात के बारे में मीडिया, प्रार्थनापत्रों, साधु संतो के प्रदर्शन द्वारा अवगत कराया जा चुका है । लेकिन प्रशासन द्वारा केवल झूठे आश्वासन देने के अलावा अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गयी है |

 पूर्व विधायक गोपी गुर्जर के कहा कि सरकारी अधिकारी, राजनेतिक नेताओं व खनन व्यापारियों की सांठगाँठ व निजी स्वार्थ पूर्ति के चलते न केवल सरकार की छवि पर नाकारात्मक प्रभाव पड़ रहा अपितु स्थानियों लोगों व साधू संतों एवं विश्व के ब्रजप्रेमियों में प्रदेश सरकार व प्रशासन के खिलाफ खासा असंतोष व्याप्त हो रहा है |

इस दौरान ग्राम पसोपा, उदयपुरी, अलीपुर, कायरिका, खानपुर के ग्रामवासियों के अलावा बडी तादात में मुस्लिम समुदाय के ग्रामवासियों ने भी इस महापंचायत में भाग लिया।  एवं सभी ने  संकल्प लिया कि अगर 16 जनवरी तक  धार्मिक महत्व के पर्वतों पर जनभावनाओं, स्थानीय लोगों के जन जीवन व पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आदिबद्री व कंकाचल पर्वत हो रहे खनन कार्य को बंद नहीं किया गया तो विवश हो कर स्थानीय ग्रामवासियों, साधू संतों व देश देश भर कर कृष्ण भक्तों को एक विशाल  एवं निर्णायक जन आन्दोलन करने कर लिए विवश होना पड़ेगा | 

पसोपा के सरपंच ने  आह्वान किया कि अब समय आ गया है कि ब्रज क्षेत्र के सब ग्रामवासी एकजुट हो आदिबद्री पर हो रहे खनन के खिलाफ  निर्णायक संघर्ष के तैयार हो जाये व समूचे आदिबद्री पर्वत के संरक्षण, स्थानीय जनमानस के जीवन, पर्यावरण व जीव-जंतुओं एवं विश्वभर के कृष्णभक्तों की भावनाओं की रक्षा के लिए इस क्षेत्र को पूर्ण रूप से खनन मुक्त करने के विशाल आन्दोलन के लिए तैयार रहें | उपस्थित सभी ग्रामवासियों ने आक्रोशित हो कर सर्वसम्मिति से इस अभियान में बड- चढ़ कर भाग लेने की बात कही व उक्त पर्वत पर हो रहे खनन के खिलाफ नारे लगाए एवं आदिबद्री को खनन मुक्त करवाने का संकल्प लिया | इस अवसर पर मुख्य रूप से जलाल खान फोजी, देवोराम, विजयसिंह, कुलदीप बंसल, रमजान, इसरद, हरिबोल दास, भूरा बाबा,  जगराम, सुलतान सरपंच, शंकर, मुद्दीन, सहजा, रमजू, कमरू,फजरू उपस्थित रहे |

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