आखिर क्यों ये लड़की व्हाट्सएप कॉल रिसीव होते ही कपड़े उतारने लगती है!

 


आधी रात कॉल आई…। व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल..। कोई नंबर फ्लैश नहीं हो रहा था। इधर से फोन उठा लिया गया। उधर से एक लड़की प्रगट हुई। परिचय के साथ उसने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। इधर जो फोन पर था, वो हतप्रभ था। उसने कुछ ही देर बाद कॉल काट दी। कॉल फिर आई। रिसीव किया और काट दिया। आधे घंटे बाद व्हाट्सएप पर वीडियो मिला। इसमें उसी शख्स का अश्लील वीडियो पड़ा हुआ था। उधर से धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए तो ये वीडियो वायरल कर दिया जाएगा।

ये किस्सा सच्चा है, किसका है, छोड़िए। ये किसी का भी हो सकता है। फेसबुक की फर्जी आईडी बनाकर दोस्तों से पैसे मांगने वालों की तरह अभी साइबर क्राइम करने वालों का ये तरीका पूरी तरह चर्चा में नहीं आया है, लेकिन आप सावधान हो जाएं। ये साइबर अपराधियों का नया मॉड्यूल है। ये देर रात ऑनलाइन रहने वाले नंबरों पर नजरें गड़ाए रखते हैं। उसके बारे में तमाम जानकारियां इकट्ठा करते हैं। सारी जानकारी हो जाने के बाद होता है फोन का खेल।

फोन व्हाट्सएप या मैसेंजर पर आता है, जिसमें नंबर फ्लैश नहीं करता। फोन पर लड़की आती है, जो बताती है कि वो हाईप्रोफाइल है और दोस्ती करना चाहती है। या फिर इसी तरह की बातचीत। उसका मकसद उस शख्स को ज्यादा से ज्यादा देर तक फोन पर इंगेज करना होता है। ताकि वीडियो में उसके चेहरे के तमाम हाव भाव रिकॉर्ड हो सकें। लड़की अपने कपड़े भी उतारती है, सामने वाले को भी ऐसा करने के लिए कहती है। तमाम लोग ऐसी कॉल आते ही समझ जाते हैं कि ये झांसेबाजी है तो कई लोग इस झांसेबाजी में फंस भी जाते हैं। कॉल डिस्कनेक्ट होने के बाद ये लोग उस शख्स के चेहरे को मॉर्फ करके न्यूड वीडियो बना लेते हैं और फिर शुरू होता है ब्लैकमेलिंग का खेल।

आपसे गुजारिश है कि ऐसे झांसों में न खुद फंसें और न अपने आसपास के लोगों, दोस्तों, हितैषियों को फंसने दें। समझें और समझाएं कि फोन पर लड़की कहीं से अचानक नहीं टपकती। अपराधी बाकायदा जाल बिछाकर ऐसे शिकार करते हैं। अपराध का ये ट्रेंड बहुत तेजी से चल रहा है। इनका शिकार होने से बचिए।

अगर कोई ऐसे साइबर अपराधियों का शिकार हो गया है तो पहली बात कि डरना बंद करके पुलिस में रिपोर्ट करे। उससे पहले अपने परिवार में बताए, अपनी पत्नी, अपनी मां, अपने पिता को बताए।

ध्यान रहे कि एक बार इनकी धौंस में आकर अगर पैसे दे दिए तो आप इनके लिए एटीएम हो जाएंगे। ये अपने इशारों पर नचाते जाएंगे, आप नाचते जाएंगे। ज्यादातर गुंजाइश तो इसी बात की है कि अपराधी सिर्फ डराकर पैसा वसूलना चाहते हैं। पुलिस के चक्करों में वो भी नहीं पड़ना चाहते होंगे। क्योंकि मेरी समझ से ये ठग हैं, डकैत नहीं।


Source,भड़ास.कॉम

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