एक सहारा फाउंडेशन द्वारा किया गया कपिंग थेरेपी का आयोजन

गुरुग्राम। टीम अजेयभारत। आज गुरुग्राम में एक सहारा फाउंडेशन की ओर से फिजियोथेरेपी की आधुनिक कपिंग थेरेपी की तकनीक के बारे में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कपिंग थेरेपी को सिखाने के लिए संतोष मेडिकल कॉलेज के फिजियोथैरेपी डिपार्टमेंट के  प्रधानाचार्य डॉ दीपक कुमार आए हुए थे । इस कार्यशाला में हरियाणा के प्रमुख फिजियोथेरेपिस्ट  डॉक्टर रोहित गुप्ता, डॉक्टर मोनिका चौधरी , डॉक्टर पूनम अरोड़ा , डॉ उदय यादव, डॉक्टर  विनोद कौशिक ,  डॉक्टर सुषमा यादव डॉ राकेश यादव  डॉ प्रीति आदि सभी ने अपना अनुभव सांझा किया ।



 फिजियोथेरेपी आज के चिकत्सा युग का सबसे तेज प्रगति करने वाली शाखा बन गई है जिसमें की अत्याधुनिक नई तकनीकों का विकास हो रहा है उसी संदर्भ में एक सहारा फाउंडेशन ने विद्यार्थियों एवम् फिजियोथेरेिस्ट के लिए इस कार्य शाला का आयोजन किया । सिखाने के लिए संतोष मेडिकल कॉलेज के फिजियोथैरेपी डिपार्टमेंट के  प्रधानाचार्य डॉ दीपक कुमार आए हुए थे । 

इस अवसर पर आए हरियाणा आईएपी के  अध्यक्ष डॉ उदय  यादव ने बताया कि अब फिजियोथैरेपी में एविडेंस बेस्ड प्रैक्टिस होने लगी है और जिससे किसी भी तरह की बीमारियों से मरीज जल्दी निजात पा सकता है , डॉ यादव ने बताया कि फिजियोथैरेपी का कोर्स 4.5 साल का होता है तथा उसके बाद मास्टर डिग्री 2 साल की होती है उसके अलावा नई नई विधि कार्यशाला से फिजियोथैरेपिस्ट अपने ज्ञान को बढ़ाते रहते हैं ताकि वह अपने मरीजों का सही से इलाज कर सके तथा मरीज जल्दी से जल्दी स्वस्थ लाभ मिल सके , इस मौके पर डॉ यादव ने बताया कि अब हरियाणा राज्य में फिजियोथैरेपी काउंसिल बन चुकी है जल्द ही उसका रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो जाएगा और इस तरह से झोलाछाप फिजियोथैरेपिस्ट पर नकेल कस पाएंगी झोलाछाप फिजियोथैरेपिस्ट पर नकेल कसने के लिए आईएपी की एंटी क्वेकरी टीम काम करती है तथा समय-समय पर बिना डिग्री वाले फिजियोथेरेपी  डॉक्टरों पर लगाम लगाती रहती है


 इस इसी मौके पर फरीदाबाद से आए आईएपी के उपाध्यक्ष डॉ विनोद कौशिक ने बताया कि वह आगे भी फिजियोथेरेपी चिकित्सा पद्धति को और भी एडवांस करने के लिए समय-समय पर सर्टिफिकेट कोर्सेज कार्यशाला सेमिनार वेबीनार कराते रहेंगे तथा फिजियोथैरेपी छात्रों तथा फिजियोथेरेपी चिकित्सकों का ज्ञान बढ़ाते रहेंगे

इस कार्यशाला में एसजीटी यूनिवर्सिटी से आई सनी सिंह ने बताया की कपिंग थेरेपी से मरीजों को बहुत जल्दी दर्द में आराम मिल सकता है इसी यूनिवर्सिटी से आई पन्या ने  बताया की कपिंग थेरेपी से शरीर को और भी ज्यादा सुंदर और सुडोल बनाया जा सकता है आजकल यह तकनीक कॉस्मेटिक थेरेपी की तरह उभर कर आई है 

वह निकिता  ने बताया की आजकल लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने बैठने से बीमारियां बढ़ती जा रही है  जिन को रोकने के लिए कपिंग थेरेपी एक बहुत अच्छा इलाज है

इस कार्यशाला में योगेंद्र ,सुखविंद्र  डॉक्टर विक्रम ,डॉ प्रीति ,डॉ मुकेश ,डॉ विनीता, नैनी ग्रेवाल ,नेहा ,निकिता, भारती ,आलिया, शिवानी ,रक्षिता, रविंद्र ,आंचल ,अपूर्व ,सोनालिका, दीक्षा ,आंचल धीमान, वर्षा ,प्रिया, कसीना ,कनिका ,सौरव ,विशु ,जोया तथा अन्य ने भाग लिया और सर्टिफाइड कपिंग थेरेपी स्ट बने

Post a Comment

0 Comments