शास्त्रीय नृत्य त्रिवेणी संगम के समान है, जो की परमात्मा से साक्षात्कार कराता है :संजीव कृष्ण ठाकुर


वृंदावन।टीम अजेयभारत।



कुंभ मेला स्थित ब्राह्मण सेवा संघ के शिविर में आयोजित शास्त्रीय नृत्य समारोह के अंतर्गत कलाकारों ने अपनी अभिनव प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

संसिध्दि अकाडमी के कलाकार जब मंच पर आए तो समूचा पांडाल उनके स्वागत में तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सर्वप्रथम सुप्रसिद्ध भगवताचार्य संजीव कृष्ण ठाकुर जी एवम् ब्राह्मण सेवा संघ के पदाधिकारियों ने सयुक्त रूप से भगवान वामन के चित्रपट पर पूजन अर्चन किया।



इस अवसर पर अपने उद्बोधन में संजीव कृष्ण ठाकुर जी ने कहा कि शास्त्रीय नृत्य त्रिवेणी संगम के समान है, जो की परमात्मा से साक्षात्कार कराता है, उन्होंने कहा कि शास्त्रीय नृत्य शैली विश्व की सर्वश्रेष्ठ नृत्य शैली है। जो कि भारतीय परंपराओं एवम् संस्कारों की संजीवनी है। 



ब्राह्मण सेवा संघ के अध्यक्ष आनंद बल्लभ गोस्वामी ने कहा कि स्वामी हरिदास जी महाराज ने शास्त्रीय संगीत के माध्यम से बांके बिहारी जी महाराज का प्राकट्य किया तथा मीराबाई ने शास्त्रीय नृत्य से श्याम सुंदर को रिझाकर आत्मसात किया, उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रीय पद्धतियां व शैलियां परमात्मा के मिलन का सुगम मार्ग दरसाती हैं। 



इसके बाद सुष्मिता शर्मा ने शास्त्रीय नृत्य शैली में गणेश वन्दना "नमामि विघ्न राजतम, नित्य शोभितम" प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। सुदीक्षा ढुंगेल ने तुलसी दास कृत "राम चंद्र कृपालु भज मन" पर सुंदर भाव पूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं "कान्हा नंदनंदन" व "अच्युतम केशवम" पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुति सुलक्षणा, परिक्षिता और आंसी ने की। जिसे देख दर्शक झूम उठे। उसके बाद कलाकारों ने प्रस्तुत की शास्त्रीय नृत्य शैली में होली "रंगी सारी गुलाबी चुन्दरिया हो, मोहे मारे नजरिया सवारियां रे" तो दर्शक देख कर रस रंग में सराबोर हो उठे। फिर प्रस्तुत की एक नृत्य नाटिका जिसमें राधा कृष्ण की अठखेलियां जिसका सजीव चित्रण सुष्मिता एवम सुदीक्षा ने "में राधा तेरी, मेरा श्याम तू पर यूं न कलाई थाम तू" पर किया। 

श्रीमती राधा शर्मा ढूंगेल तथा कांकुली अधिकारी के निर्देशन में आयोजित इस शास्त्रीय नृत्य समारोह की दर्शकों ने भूरी भूरी प्रशंसा की संचालन एवम् संयोजन ब्राह्मण सेवा संघ के महासचिव पंडित जगदीश नीलम ने किया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से कार्ष्णि नागेंद्र गौड़, सत्यभान शर्मा, लाला व्यास गोवर्धन, चीनू शर्मा, संजय शर्मा, आनंद द्विवेदी, श्याम सुंदर बृजवासी, योगेश द्विवेदी, शीतल कृष्ण ठाकुर, बिहारी लाल शास्त्री, सौरभ गौड़, अविनाश शर्मा, नीरज गौड़, गीतांजली शर्मा, स्वेता बुलबुल शर्मा, शशि शुक्ला, सविता भारद्वाज, हेमलता देवनाथ, पार्वती गोस्वामी, किरण द्विवेदी, हेमा त्रिवेदी, राधा गोस्वामी, संध्या शर्मा, सुनीति अग्निहोत्री, चंद्र प्रकाश द्विवेदी, जे पी सारस्वत आदि उपस्थित रहे।

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