भाजपा नेता नवीन गोयल ने जताई गुरुग्राम के दूषित पर्यावरण पर चिंता

 भाजपा  नेता नवीन गोयल ने जताई गुरुग्राम के दूषित पर्यावरण पर चिंता

-स्वास्थ्य, स्वच्छता, इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का पूरा फोकस

-एक कार्यक्रम में नवीन गोयल ने कई मुद्दों पर सरकार की योजनाएं गिनाई



गुरुग्राम। भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता नवीन गोयल ने एक कार्यक्रम में प्रमुखता से इस बात पर जोर दिया कि पूर्व की सरकारों ने बिना प्लानिंग के यहां शहर के विस्तार का काम किया, लेकिन वर्तमान केंद्र व राज्य सरकार प्लानिंग के साथ काम कर रही है। ये कार्य शहर में हर तरफ देखे जा सकते हैं। 

नवीन गोयल ने कहा कि गुरुग्राम ऐसा शहर है, जहां अमीर से अमीर और गरीब से गरीब लोग रहते हैं। देश और दुनिया में कोई भी विकसित शहर नदी, समुंद्र के किनारे होते हैं। हमारे यहां ऐसा नहीं है। यहां पानी की बहुत बड़ी समस्या है। पीछे की सरकारों ने बिना प्लानिंग के सेक्टर बनाए। शहर में महाजाम भी लगा। विकास के नाम पर यहां जोहड़, तालाब, बांध बंद कर दिए गए हैं। या कब्जा लिए गए हैं। इन विरासतों को फिर से वही रूप देना जरूरी है, ताकि हमारा जीवन आसान हो सके। 

नवीन गोयल ने कहा कि हमारी सरकार ने छह साल में अभूतपर्वू काम किया है। वर्तमान और भविष्य में सबसे जरूरी कुछ है तो वह है शिक्षा। गुरुग्राम देश दुनिया के नक्शे पर उभरता शहर है। इसी को देखते हुए शहर में हमारी सरकार ने यूनिवर्सिटी बनाई। स्वास्थ्य के क्षेत्र में 500 बेड का अस्पताल गुरुग्राम में बनाया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो यहां कई अंडरपास, सड़कों का जाल बिछा है। पिछले 6 सालों में हमारी सरकार ने नेशनल हाइवे का जाल फैलाया है। हरियाणा में 13-14 नेशनल हाइवे मिले हैं। यह केवल नेशनल हाइवे नहीं, बल्कि विकास का मार्ग हैं। उन्होंने कहा कि हमारा पर्यावरण बहुत दूषित हो चुका है। इसलिए हमारा फर्ज बनता है कि हम अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करें। जागरुक करें। हम अपने शहर को साफ बनाने के लिए सरकार का साथ दें। हमेें गंदगी यहां-वहां नहीं डालनी चाहिए। गंदगी से आदमी, पशु सब बीमार होते हैं।  

नवीन गोयल ने कहा कि आने वाले 5 साल में 10-15 लाख फ्लैट हैंडओवर होंगे। इस हिसाब से 15 लाख गाडिय़ां यहां नई आएंगी। हम सबको इस शहर के लिए सोचना होगा। सरकार दिन-रात इस शहर के सुधार को काम कर रही है। लोगों को जल्दी मकान की पॉजिशन दिलाने को डा. केके खंडेलवाल कर रहे हैं। कोरोना ने सिखा दिया कि ना पद, पावर, कद बड़ा है। हमें ठीक से जीवन जीने का संदेश दिया है।

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